धरने में शामिल पटवार संघ के जिलाध्यक्ष होशियार सिंह खीचड़ ने बताया कि वह सुबह तहसील कार्यालय आए तो भीड़ लगी हुई थी। तहसीलदार रो रहे थे। उन्हें जांच के नाम पर बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा है।
झुंझुनूं। तहसीलदार सुरेंद्र चौधरी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें राजकीय भगवानदास खेतान अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि जांच के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। लेकिन तहसील व राजस्व विभाग से जुड़े कर्मचारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने जांच के नाम पर तहसीलदार को बार-बार प्रताड़ित करने की वजह से तबीयत खराब होने का आरोप लगाया। तहसील के कर्मचारियों ने शुक्रवार से सामूहिक अवकाश पर जाने की भी घोषणा की है।
धरने में शामिल पटवार संघ के जिलाध्यक्ष होशियार सिंह खीचड़ ने बताया कि वह सुबह तहसील कार्यालय आए तो भीड़ लगी हुई थी। तहसीलदार रो रहे थे। उन्हें जांच के नाम पर बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा है। बनवारीलाल नाम का व्यक्ति बार-बार शिकायत कर उन्हें परेशान कर रहा है। जबकि एक बार जांच में की गई शिकायत निराधार पाई गई। उसके बाद जब भी सरकार का कोई उच्च अधिकारी झुंझुनूं आता है, दोबारा शिकायत कर देता है। फिर दूसरे अधिकारी से जांच शुरू हो जाती है। जो दोषी है, प्रशासन को उसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। दो महीने पहले भी बनवारीलाल ने तहसील के कर्मचारी के साथ मारपीट की थी, लेकिन उस मामले में अब तक कार्रवाई नहीं की गई। उल्टा कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है। इसलिए कर्मचारी धरने पर बैठे थे।
जमीनों की रजिस्ट्री में गबन व तहसील कार्यालय में कर्मचारियों से मारपीट व तोड़फोड़ मामले में शिकायतकर्ता बनवारीलाल ने आरोप लगाया कि झुंझुनूं तहसीलदार ने शहर में कई जमीनों को लेकर बड़ा गबन किया है। गुढ़ा रोड़ पर मंदिर माफी की जमीन की रजिस्ट्री करवाकर करोड़ों रुपए का गबन किया है। यही नहीं कपड़ा बाजार में ट्रस्ट की जमीन को गुदड़ी बाजार में दिखाकर रजिस्ट्री करवा दी। पहले कलक्टर से जांच करवाई थी। जांच से संतुष्ट नहीं था और ना ही उसने तहसील कार्यालय में तोड़फोड़ की और ना ही कर्मचारियों से मारपीट। इसलिए प्रभारी सचिव डॉ. समित शर्मा को शिकायत की। अब जांच से डर रहे हैं और तबीयत बिगड़ने के बहाने कर्मचारियों से धरना-प्रदर्शन करवा रहे हैं। जब तहसीलदार निर्दोष हैं तो डर किस बात का है।
मामले की जांच नवलगढ़ एसीएम हवाईसिंह यादव को सौंपी गई। इस बारे में एसीएम हवाईसिंह यादव का कहना है कि उन्हें जांच सौंपी गई है। अभी जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट अभी उच्चाधिकारियों को नहीं सौंपी गई है। इधर, जांच मामले की जांच नवलगढ़ एसीएम से बदलकर चिड़ावा एसडीएम को सौंपने की चर्चा के मामले में एसडीएम बॄजेश गुप्ता का कहना है कि जांच नवलगढ़ एसीएम हवाईसिंह यादव ही कर रहे हैं। उन्हें जांच सौंपने की चर्चा निराधार है।
बीडीके अस्पताल में तहसीलदार की जांच करने वाले चिकित्सकों ने बताया कि तहसीलदार को जांच की के लिए अस्पताल लेकर आए थे। उन्हें बैचेनी व घबराहट थी। मामूली सा बीपी बढ़ा हुआ था। उपचार के बाद उनकी तबीयत ठीक है।
मामले में पत्रिका ने तहसीलदार से जानकारी लेनी चाही लेकिन उन्होंने तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए मिलने और कुछ भी बताने से मना कर दिया।