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सुलताना। हाईकोर्ट के आदेश पर सुलताना में बिजली निगम कार्यालय से लेकर अटल सेवा केंद्र तक और टेकड़ा मोड़ से लेकर नरेंद्र एकेडमी स्कूल तक तहसील प्रशासन की ओर से अतिक्रमण पर अब आठ जनवरी को पीला पंजा चलेगा। इससे पहले 02 दिसंबर को चिड़ावा तहसीलदार रामकुमार पूनिया की ओर से जारी आदेश में 286 अतिक्रमण पर कार्रवाई होनी थी।
इस संबंध में 30 दिसंबर को नए आदेश जारी किए गए हैं, जिनमें आठ जनवरी को 100 अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। दोनों आदेशों को लेकर ग्रामीणों में असमंजस की स्थिति बन गई है। लोगों का कहना है कि दोनों सूचियों में इतना बड़ा अंतर कैसे आ गया। याचिकाकर्ता और ग्रामीणों ने 186 अतिक्रमण को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
हाईकोर्ट के आदेशों की पालना में चिड़ावा तहसीलदार की ओर से जारी आदेश के अनुसार आठ जनवरी को अतिक्रमण हटाए जाने हैं। इससे पहले ही कई अतिक्रमणकारी स्वयं के स्तर पर अतिक्रमण हटाने लगे हैं। कई लोगों ने बिजली निगम कार्यालय से मुख्य बस स्टैंड के बीच अपने अतिक्रमण हटा लिए हैं, ताकि प्रशासन को कार्रवाई में सहयोग मिल सके।
मुख्य सड़क पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर याचिकाकर्ता डॉ. जितेंद्र सिंह शेखावत ने करीब छह साल पहले हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद प्रशासन ने कई बार मुख्य सड़क पर अतिक्रमण की मार्किंग तो की, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाए गए। फिलहाल आठ जनवरी को फिर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित है।
आठ जनवरी को हटाए जाने वाले अतिक्रमण को लेकर बिजली निगम कार्यालय से अटल सेवा केंद्र तक और टेकड़ा मोड़ से नरेंद्र एकेडमी स्कूल तक अधिकांश क्षेत्रों में प्रशासन ने मार्किंग और नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं। हालांकि कुछ क्षेत्रों में अब तक नोटिस चस्पा नहीं होने पर याचिकाकर्ता और ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि बालाजी मंदिर क्षेत्र, मोदी मार्केट, मुख्य बस स्टैंड, एसबीआई बैंक सहित कई स्थानों पर नोटिस चस्पा नहीं किए गए हैं। उनका आरोप है कि नोटिस नहीं चस्पा होने के पीछे राजनीतिक दबाव भी कारण हो सकता है।
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याचिकाकर्ता डॉ. जितेंद्र सिंह शेखावत और ग्रामीणों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद चिड़ावा तहसीलदार की ओर से 02 दिसंबर को जारी आदेश में 29 दिसंबर को 286 अतिक्रमण हटाए जाने थे, लेकिन नियत तिथि पर कार्रवाई नहीं हुई। पीडब्ल्यूडी कार्यालय की सूची के अनुसार कुल 286 अतिक्रमी थे, जबकि अब तहसीलदार की ओर से जारी नए आदेश में आठ जनवरी को हटाए जाने वाले अतिक्रमण की संख्या घटकर 100 रह गई है। ऐसे में दोनों सूचियों के बीच 186 अतिक्रमण का अंतर कैसे आया, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। याचिकाकर्ता ने प्रशासन से मुख्य सड़क से सभी अतिक्रमण हटाने की मांग की है।
Published on:
01 Jan 2026 06:22 pm
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