
इनका नाम है राज्यपाल। फोटो पत्रिका
Bundi : बूंदी जिले की रामनगर बस्ती अपने अनोखे नामों को लेकर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां रहने वाले कई लोगों के नाम राष्ट्रपति, राज्यपाल, हाईकोर्ट, सोनिया गांधी और कलक्टर जैसे बड़े पदों और चर्चित व्यक्तित्वों पर रखे गए हैं। हैरानी की बात यह है कि इन नामों के पहचान पत्र भी इन्हीं नामों से बने हुए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में गांवों में बड़े नेताओं और वीआइपी व्यक्तियों के दौरों के दौरान परिजन ने बच्चों के नाम उन्हीं बड़े पदों और हस्तियों से प्रेरित होकर रख दिए। इनमें से अधिकांश लोग पांचवीं से आठवीं तक पढ़ाई करने के बाद खेती और मजदूरी में जुट गए। गांव में पहले डिप्टी, थानेदार और आइजी नाम के लोग भी रहे, हालांकि अब उनका निधन हो चुका है।
गांव में रहने वाले ‘राष्ट्रपति’ नाम के व्यक्ति की उम्र 30 वर्ष है। ये कृषि कार्य करते हैं। उसके पास गांव में दो बीघा कृषि भूमि है और वह पांचवीं तक पढ़ा-लिखा है।
गांव में 40 वर्षीय ‘राज्यपाल’ नाम के व्यक्ति छठीं तक पढ़े हैं। ये खेती के साथ-साथ बैंड वादन में मजदूरी करता है। इनके पास तीन बीघा जमीन है।
‘हाईकोर्ट’ नामक 25 वर्षीय युवक मजदूरी करता है। उसके एक बेटा है और छह बीघा कृषि भूमि है। ग्रामीण बताते हैं कि उसके पिता अक्सर अदालतों के चक्कर लगाते रहते थे और लोग कहते थे आपका काम तो हाईकोर्ट से ही होगा। इसी वजह से बेटे का नाम हाईकोर्ट रख दिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, जब पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी राजस्थान दौरे पर आए थे, तब बड़े नेताओं की चर्चा जोरों पर थी। उसी दौरान गांव के एक बच्चे का नाम 'राजीव गांधी' तो एक बच्ची का नाम ‘सोनिया गांधी’ रखा गया। राजीव गांधी की मृत्यु हो गई हैं। वहीं सोनिया की शादी हो चुकी है।
गांव में ‘कलक्टर’ नाम से मशहूर व्यक्ति का असली नाम घनश्याम है। जिले के सबसे बड़े अधिकारी कलक्टर के नाम और कलक्ट्रेट आने-जाने की चर्चा के चलते ग्रामीण प्यार से उसे कलक्टर कहने लगे। 50 वर्षीय घनश्याम अनपढ़ है और खेती के साथ गाय पालन व मुर्गी पालन का कार्य करता है।
Updated on:
28 Dec 2025 10:54 am
Published on:
28 Dec 2025 10:53 am
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