
सांकेतिक इमेज (सोर्स- gemini)
Jal Jeevan Mission : राजस्थान में पेयजल व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। शहरों के आस-पास या यूआइटी परिधि में आ चुके गांवों में 55 की जगह 155 लीटर पानी रोजाना देने के लिए पाइप लाइन बिछाने के साथ टंकियां बनेंगी। करीब 5200 करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च होगी। जयपुर में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से चर्चा की। मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन योजना के तहत 41 जिला मुख्यालय व 39 सेटेलाइट शहर शामिल किए जाएंगे।
उदयपुर, चूरू, दूदू, बगरू, जोबनेर, रींगस, चौमूं, बस्सी, चाकसू, शाहपुरा (जयपुर), फुलेरा, श्रीमाधोपुर, दौसा, अजीतगढ़, ब्यावर, किशनगढ़, नसीराबाद, विजयनगर, गुलाबपुरा, बालेसर-साटन, पीपाड़ सिटी, सोजत सिटी, बिलाड़ा, कैथून, कैशोरायपाटन, रामगंजमण्डी, सांगोद, डीग, नदबई, कुम्हेर, नगर, खेड़ली, बयाना, आमेट, टोड़ारायसिंह, मालपुरा, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, हनुमानगढ़, अलवर, बाड़मेर, जालोर, प्रतापगढ़, बहरोड़, खैरथल, तिजारा, कोटपूतली, फलौदी, नागौर एवं सलूम्बर।
पाली, बांसवाड़ा, श्रीगंगानगर, टोंक, झुंझुनूं, कुचामन, निम्बाहेड़ा, नाथद्वारा, बालोतरा, सिरोही व डूंगरपुर।
जयपुर, कोटा, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, भरतपुर, सीकर, खाटूश्यामजी, पुष्कर, केकड़ी, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, जैसलमेर, बारां, झालावाड़, राजसमंद, डीडवाना, बूंदी।
पाली में यूआइटी के दायरे में आने वाले गांवों में कार्य हो सकता है। पाली के करीब 38 गांव यूआइटी क्षेत्र में आते हैं। इनमें पाली प्रथम व द्वितीय, आकेली, मानपुरा, मण्डली खुर्द, पुनायता, मंडिया, बल्दों की ढाणी, भाटों की ढाणी, जवड़िया, गिरादड़ा जागीर व अन्य गांव।
शहरों व उसके पास के गांवों में पेयजल व्यवस्था में मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन के तहत सुधार किया जाएगा। पाली भी इसमें शामिल है। इसे लेकर गाइडलाइन आने पर कार्य किया जाएगा। मनीष माथुर, अधीक्षण अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, पाली
Updated on:
28 Nov 2025, 8:12 AM IST
Published on:
28 Nov 2025, 8:09 AM IST
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