राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले चुनावी सख्ती शुरू हो गई है। जिला कलक्टर ने चुनाव से पहले शस्त्र जमा कराने के आदेश जारी किए हैं। वहीं उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
झुंझुनूं। नगरीय निकाय एवं पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों को शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। जिला कलक्टर एवं मजिस्ट्रेट डॉ. अरुण गर्ग ने आदेश जारी कर जिले के सभी शस्त्र अनुज्ञापत्रधारियों को अपने शस्त्र तत्काल प्रभाव से संबंधित पुलिस थानों में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के सभी मतदाता, विशेषकर कमजोर वर्ग के लोग बिना किसी भय या दबाव के अपने संवैधानिक मताधिकार का प्रयोग कर सकें, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
संभावित तनाव, टकराव या हिंसात्मक गतिविधियों की आशंका को देखते हुए कानून-व्यवस्था सुदृढ़ रखने के उद्देश्य से यह आदेश जारी किया गया है।
आदेश के अनुसार सीमा सुरक्षा बल, अर्द्धसैनिक बल, सैनिक बल, सशस्त्र पुलिस, सिविल डिफेंस, होमगार्ड एवं बैंक सुरक्षा गार्ड इस आदेश से मुक्त रहेंगे। इसके अलावा कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकृत केंद्रीय एवं राज्य सरकारी कर्मचारी, राइफल एसोसिएशन के सदस्य तथा मान्यता प्राप्त प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ी भी इस आदेश के दायरे से बाहर रहेंगे।
जिले के सभी थानाधिकारियों को शस्त्र जमा कराने की प्रक्रिया की निगरानी करने तथा इसकी पूर्ण पालना कराने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश की अवहेलना करने वाले अनुज्ञापत्रधारियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट, 1959 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।