जींद

India’s First Hydrogen-Powered Train: हरियाणा के जींद से शुरू हुआ रेलवे का नया दौर, पीएम मोदी ने दिखाई देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी

Hydrogen Train India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। स्वच्छ ऊर्जा से चलने वाली यह अत्याधुनिक ट्रेन भारतीय रेलवे में नए तकनीकी युग की शुरुआत मानी जा रही है।
2 min read
• •
Updated: 17 Jul 2026, 12:12 PM IST
Hydrogen Train India
जींद से शुरू हुआ ग्रीन रेलवे का सफर, PM मोदी ने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को किया रवाना। फोटो सोर्स-ANI

Hydrogen Train India: भारतीय रेलवे के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्होंने हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से चलने वाली ट्रेनों की शुरुआत की है।

यह सिर्फ एक नई ट्रेन की शुरुआत नहीं है, बल्कि भारतीय रेलवे के भविष्य की तस्वीर बदलने वाली पहल मानी जा रही है। डीजल पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से तैयार की गई यह ट्रेन स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन की दिशा में बड़ा कदम है।

यह ट्रेन 12 स्टेशनों से होकर गुजरेगी

हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच चलेगी। करीब 89 किलोमीटर लंबे इस रूट पर यह ट्रेन 12 स्टेशनों से होकर गुजरेगी। इस सफर को पूरा करने में लगभग दो घंटे का समय लगेगा। ट्रेन को खास तौर पर भारतीय रेल नेटवर्क और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

इस अत्याधुनिक ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसकी तकनीक है। यह डीजल इंजन की जगह हाइड्रोजन फ्यूल सेल से ऊर्जा प्राप्त करेगी। इससे कार्बन उत्सर्जन में काफी कमी आएगी। हाइड्रोजन तकनीक से चलने वाली ट्रेन के संचालन के दौरान प्रदूषण बेहद कम होता है और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है।

2,600 यात्रियों के बैठने की क्षमता

रेलवे के मुताबिक, इस ट्रेन में कुल 10 कोच होंगे, जिसमें करीब 2,600 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। ट्रेन की डिजाइन स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है, जबकि सामान्य परिचालन गति करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इसमें इस्तेमाल की गई तकनीक को काफी हद तक स्वदेशी तरीके से विकसित किया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी के इस कार्यक्रम के दौरान हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ से जुड़ी कई हजार करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया। इनमें रेलवे, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं।

अब भारतीय रेलवे की नई पहचान

दुनिया के कुछ ही देशों में अभी हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे में भारत का इस तकनीक को अपनाना रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में हाइड्रोजन आधारित ट्रेनें देश के परिवहन क्षेत्र में ऊर्जा बचत और प्रदूषण नियंत्रण में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

जींद से शुरू हुई यह हाइड्रोजन ट्रेन अब भारतीय रेलवे की नई पहचान बनने की ओर बढ़ रही है। यह ट्रेन बताती है कि आने वाले समय में देश की रेल व्यवस्था केवल तेज ही नहीं, बल्कि ज्यादा साफ और पर्यावरण के अनुकूल भी होगी।

Updated on:
17 Jul 2026, 12:12 PM IST
Published on: