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Delhi high court: दिल्ली ज्युडिशियल सर्विस में 50 पदों पर भर्ती, करें आवेदन

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस एग्जाम 2017 के माध्यम से दिल्ली ज्युडिशियल सर्विस में 50 रिक्त पदों पर भर्ती
2 min read
Dec 30, 2017
delhi high court

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस एग्जाम 2017 के माध्यम से दिल्ली ज्युडिशियल सर्विस में 50 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक व योग्य उम्मीदवार 15 फरवरी 2018 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

दिल्ली हाई कोर्ट में रिक्त पदों का विवरणः
कुल पद - 50
जनरल - 18 पद
एससी - 11 पद
एसटी - 21 पद

वेतनमानः रूपए- 27700-770-33090-920-40450­-1080-44770

योग्यता मानदंड शैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव:
उम्मीदवार को भारत का नागरिक होना चाहिए तथा अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के अंतर्गत उसे भारत में एक वकील के रूप में अभ्यास कर रहा होना चाहिए, इसके साथ ही शैक्षिक योग्यता और अनुभव सहित अन्य विस्तृत जानकारी के लिए विस्तृत अधिसूचना को देखें।

दिल्ली हाई कोर्ट , दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस एग्जाम 2017 में रिक्त पदों पर आवेदन शुल्कः

सामान्यः 1000/-

जनजाति/ अनुसूचित जनजातिः 200/-

दिल्ली हाई कोर्ट, दिल्ली ज्युडिशियल सर्विस एग्जाम 2017 के लिए आवेदन कैसे करेंः
पात्र उम्मीदवार 31 जनवरी 2018 से 15 फरवरी 2018 तक अधिकारिक वेबसाइट www.delhihighcourt.nic.in के माध्यम से निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं।

दिल्ली हाई कोर्ट, दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस एग्जाम 2017 के माध्यम से दिल्ली ज्युडिशियल सर्विस में 50 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए पर आवेदन के लिए महत्वपूर्ण तिथियां:

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आरंभ होने की तिथि: 31 जनवरी 2018

ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि - 15 फरवरी 2018
दिल्ली ज्युडिशियल सर्विस एग्जाम 2017 की तिथि - 06 मई 2018

Delhi high court recruitment notification 2017:

दिल्ली हाई कोर्ट में दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस एग्जाम 2017 के माध्यम से दिल्ली ज्युडिशियल सर्विस में 50 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विस्तृत अधिसूचना यहां क्लिक करें।

परिचयः

दिल्ली उच्च न्यायालय दिल्ली राज्य का न्यायालय हैं। इसे 31 अक्टूबर, 1966 को स्थापित किया गया था। दिल्ली उच्च न्यायालय को चार न्यायाधीशों के साथ स्थापित किया गया था। वे मुख्य न्यायाधीश थे - के एस हेगड़े, न्यायमूर्ति आईडी दुआ, न्यायाधीश एचआर खन्ना और न्यायमूर्ति एस के कपूर।

2006-08 में जारी रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित मामलों की एक लंबी सूची है। बैकलॉग ऐसा है कि उन्हें हल करने के लिए 466 साल लगेंगे। लेकिन सार्वजनिक विश्वास और विश्वास को बहाल करने के लिए, दिल्ली अदालत ने प्रत्येक मामले में 5 मिनट खर्च किए और 2008-10 में 94,000 मामलों का निपटान किया।

Published on:
30 Dec 2017 01:56 pm