Jobs: तकनीक के बढ़ते प्रयोग और डिजीटाइजेशन ने दुनिया में भूचाल ला दिया है। अब दुनिया इतनी तेजी से बदल रही है कि उसकी कल्पना करना भी संभव नहीं है।
Jobs: तकनीक के बढ़ते प्रयोग और डिजीटाइजेशन ने दुनिया में भूचाल ला दिया है। अब दुनिया इतनी तेजी से बदल रही है कि उसकी कल्पना करना भी संभव नहीं है। आज से 100 वर्ष पहले तक दुनिया में जो चीजें प्रयोग हो रही है, आज से 50 वर्ष पहले तक उनमें काफी बदलाव आ गया और आज से 50 वर्ष पहले जो तकनीक थी, उसे आज से तुलना करें तो लगेगा जैसे एक अलग ही दुनिया में आ चुके हैं। इस तरह तेजी से बदलती दुनिया में हमारी लाइफ तो बदली ही है, साथ में एजुकेशन और जॉब सेक्टर भी पूरी तरह चेंज हो गया है।
जॉब सेक्टर पर सबसे बड़ा असर तो यही पड़ा है कि धीरे-धीरे सारा काम ऑटोमेटाइजेशन के जरिए होने लगा है। आज से 30-40 वर्ष पहले तक अखबार छापने के लिए बहुत सारे लोग लकड़ी से छपे अक्षरों को क्रम में जमाते थे, तब एक खबर बन पाती थी। अब यही काम कम्प्यूटर के जरिए अकेला आदमी ज्यादा तेजी और कुशलता से कर लेता है। नतीजा, वो लकड़ी के अक्षर जमाने वाले लोगों की डिमांड खत्म हो गई।
इसी तरह दस वर्ष पूर्व तक हम शॉपिंग मॉल्स में जाते थे, वहां चीजें देखते और फिर मोल-भाव करके खरीद लेते थे, लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग में हम घर-बैठे अपने मोबाइल पर चीजें पसंद कर लेते हैं और खरीद लेते हैं। इस प्रक्रिया में शॉपिंग मॉल्स और दुकानों में काम करने वाले लोग खत्म हो गए लेकिन पैकेज डिलीवरी का एक नया सेक्टर खड़ा हो गया जो हजारों लोगों को रोजगार दे रहा है।
कुछ वर्ष पहले तक डॉक्यूमेंट्स, पैसे जैसी चीजों को भेजने के लिए पोस्टल सर्विसेज का उपयोग किया जाता था मगर आज मोबाइल के एक इशारे पर किसी भी डॉक्यूमेंट को स्कैन कर दुनिया में कहीं भी भेजा जा सकता है और पैसा ट्रांसफर करना तो कॉल करने जितना इजी हो गया है। इस तरह पोस्टल सर्विस खत्म हुई मगर मोबाइल इंडस्ट्री ने ग्रोथ की और दुनिया भर में लाखों युवाओं को नौकरी दी।
देखा जाए तो तकनीक का विकास किसी चीज को खत्म करता है तो उसकी जगह नई नौकरियां भी लेकर आता है। यही कारण है कि अब युवाओं से पारंपरिक कुशलता की मांग नहीं जा रही वरन उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे कुछ ऐसा सीखें जो आज के समय के अनुसार उपयोगी हो, खासतौर पर आज की तकनीक को और एक कदम आगे ले जा सके। पहले कम पढ़े-लिखे लोग भी अच्छी नौकरी पा सकते थे मगर आज युवाओं के पढ़ाई में बढ़ते रूझान और शिक्षा की उपलब्धता को देखते हुए उच्च योग्यता प्राप्त युवा भी नौकरी के लिए भटकते हुए देखे जा सकते हैं।