राजस्थान राज्य में अब राजपत्रित अधिकारियों को 31 जनवरी तक राज-काज सॉफ्टवेयर पर अपनी अचल संपत्ति का विवरण देना होगा।
राजस्थान राज्य में अब राजपत्रित अधिकारियों को 31 जनवरी तक राज-काज सॉफ्टवेयर पर अपनी अचल संपत्ति का विवरण देना होगा। अन्यथा उन्हें सर्तकता मंजूरी नहीं मिलेगी और उनकी वेतनवृद्धि व पदोन्नति पर विचार नहीं किया जाएगा। यह निर्णय राज्य सरकार द्वारा नियंत्रित सभी बोर्ड, निगमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं और उपक्रमों पर भी लागू होगा।
इस संबंध में सोमवार को कार्मिक विभाग की प्रमुख सचिव रोली सिंह ने सभी विभागों को परिपत्र जारी किया है। कार्मिक विभाग के अधिकारियों के अनुसार अचल संपत्ति का विवरण केवल ऑनलाइन स्वीकार किया जाएगा। वर्ष 2019 में जिन्होंने विवरण ऑनलाइन नहीं भरा और 31 जनवरी तक विवरण ऑनलाइन देते हैं तो उन्हें वर्ष 2019 की वेतनवृद्धि स्वीकृत कर दी जाएगी। नियम अवधि के बाद अचल संपत्ति का विवरण देने वाला मॉड्यूल बंद कर दिया जाएगा।