
जोधपुर।
रेलवे बोर्ड के सदस्य वित्त नरेश सालेचा ने कहा कि आगामी दो-तीन सालों में भारतीय रेलवे में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिलेगा। दिसम्बर 2023 तक भारतीय रेलवे में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हो जाएगा, इससे ट्रेनों की गति बढ़ेगी, फ्यूल चार्ज कम हो जाएगा व लंबी दूरी की आसानी से यात्रा हो सकेगी। इससे रेलवे अपने समकक्ष व प्रतिस्पर्धी देशों में पहला देश होगा, जो शत प्रतिशत विद्युतीकरण करेगा। इस प्रोजेक्ट के एक भाग के लिए रेलवे ने एशियन डवलपमेंट बैंक से करीब 750 मिलियन डॉलर का लोन लिया है।
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विपत्ति को अवसर में बदला
कोरोना काल में ट्रेनों के संचालन के कारण कमाई कम रही लेकिन रेलवे ने इस विपत्ति काल को अवसर में बदला। रेलवे की योजनाओं के लिए फण्ड की कमी नहीं है। फण्ड की कमी की वजह से रेलवे की योजनाओं पर असर नहीं पड़ेगा। कोरोना काल में रेलवे ने काफी काम किए है। इस वर्ष 98 प्रतिशत लोडिंग रही, इस साल मार्च से पहले तक 100 प्रतिशत लोडिंग करेंगे।
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नेशनल रेल प्लान बनाया
सालेचा ने बताया कि रेलवे कार्यो के लिए फण्ड की कमी नहीं आएगी, इसके लिए रेलवे ने नेशनल रेल प्लान बनाया है, जिसमें वर्तमान में रेलवे का मार्केट हिस्सा 28 प्रतिशत है तथा सरकार की मंशा इसे 45 प्रतिशत तक ले जाने की है। इस प्लान के तहत रेलवे अपने आप कमाएगा और रेलवे लोन चुकाएगा व विकास में खर्च करेगा। प्लान के तहत रेलवे 2030 तक कार्य करेगा, जो 2050 तक प्रभावी रहेंगे।
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