
जोधपुर. सुबह दस बजे बालोतरा में बस स्टैण्ड से स्लीपर बस के जोधपुर के लिए रवाना होने के दौरान यात्रियों के चेहरे खिल रहे थे। बीस मिनट बाद ही ऐसा हादसा हो गया कि 12 जनों की मृत्यु और 24 जने घायल हो गए। 12 में से 11 जने तो जिंदा जल गए। इनके शव पूरी तरह कंकाल में तब्दील हो गए। हालत ऐसी हो गई कि न सिर्फ इनकी पहचान असंभव हो गई, बल्कि कुछ क्षण पहले हंसते-खिलते चेहरे कंकाल बनकर कपड़े की गठरी में बंध गए।
एक स्ट्रेचर पर तीन-तीन कंकालों की गठरियां
ट्रेलर-बस में आग से 12 जनों की मृत्यु हुई। इनमें 11 जने जिंदा जले और कंकाल में बदलने से शिनाख्त तक नहीं हो पाई। ऐसे में डीएनए से शव की शिनाख्त कराने के लिए सभी कंकाल एम्बुलेंस में बालोतरा से जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी लाए गए। एम्बुलेंस का दरवाजा खोलते ही रोंगटे खड़े हो गए। शवों की जगह गठरियों में लिपटे कंकाल नजर आए। किसी का भी चेहरा या शरीर का कोई अंग पहचान में नहीं आ रहा था। एम्बुलेंस व अस्पतालकर्मियों ने एक-एक कर गठरी निकालनी शुरू की। एक स्ट्रेचर पर तीन-तीन गठरियां रख मोर्चरी ले जाए गए।
एक मासूम बच्ची और दस जवानों के कंकाल
सीएमएचओ डॉ बलवंत मण्डा ने बताया कि एमजीएच मोर्चरी 11 कंकाल लाए गए। इनमें एक मासूम और 11 बालिग हैं। पोस्टमार्टम से पहले डीएनए जांच के लिए हादसे में अपनों को खोने वालों के परिजन को मोर्चरी बुलाया गया।