जोधपुर

Jodhpur: जोधपुर में 194 अतिक्रमणकारियों को नोटिस, अब भी नहीं हटा कब्जा तो होगी सख्त कार्रवाई, हाईकोर्ट की चेतावनी

Shyam Nagar Scheme: राजस्थान हाईकोर्ट ने श्याम नगर योजना में अतिक्रमण हटाने को लेकर सरकार और संबंधित विभागों को 12 सप्ताह का अंतिम समय दिया है।

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Apr 16, 2026
राजस्थान हाईकोर्ट। फाइल फोटो- पत्रिका

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने श्याम नगर योजना क्षेत्र में सड़कों और पार्कों के लिए आरक्षित भूमि से अतिक्रमण हटाने के मामले में राज्य सरकार और संबंधित विभागों को अंतिम अवसर देते हुए 12 सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है।

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दंडात्मक कार्रवाई पर भी विचार

अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि अगली तारीख तक आदेशों का वास्तविक अनुपालन रिपोर्ट के साथ पेश नहीं किया गया तो स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख सचिव, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, जोधपुर नगर निगम के आयुक्त तथा जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा। साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा।

न्यायाधीश रेखा बोरणा की एकल पीठ में सूरज प्रकाश दवे के विधिक उत्तराधिकारियों की ओर से दायर अवमानना याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। पीठ ने इससे पहले 18 मार्च 2026 को दिए आदेश में राजस्थान सरकार को 15 अप्रेल तक आदेशों के पूर्ण पालन की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। साथ ही स्पष्ट किया गया था कि अनुपालन नहीं होने की स्थिति में दोनों विभागों के प्रमुख सचिवों को अदालत में उपस्थित रहना होगा।

194 को सार्वजनिक नोटिस

सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि सभी संबंधित अधिकारियों की एक समिति गठित की गई है और 10 अप्रेल को उसकी बैठक भी आयोजित की गई। समिति के निर्णय के अनुसार श्याम नगर योजना में चिन्हित 194 अतिक्रमणकारियों को सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को अलग-अलग नोटिस भी दिए गए हैं, जिनमें अतिक्रमण हटाने के लिए 15 दिन का समय निर्धारित किया गया है। समय सीमा पूरी होने के बाद संबंधित प्राधिकरण अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेगा और उसकी अनुपालन रिपोर्ट अदालत में पेश की जाएगी।

अगली सुनवाई 10 जुलाई को

उल्लेखनीय है कि इससे पहले अदालत के समक्ष जेडीए ने योजना क्षेत्र में 194 अतिक्रमण होने की जानकारी दी थी, जिस पर पीठ ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इस मामले में एक सोसायटी की ओर से पूर्व आदेश में संशोधन के लिए आवेदन भी प्रस्तुत किया गया था, जिसे पीठ पहले ही खारिज कर चुकी है। पीठ ने फिलहाल अधिकारियों की व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट देते हुए मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई, 2026 को निर्धारित की है।

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