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बिलाड़ा। उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से बिलाड़ा रेलखंड विस्तार के लिए तैयार डीपीआर में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए नया रूट निर्धारित किया गया है। इसके तहत पुराने रेलवे स्टेशन को यार्ड के रूप में सुरक्षित रखते हुए नई लाइन रास की दिशा में अलग मार्ग से आगे बढ़ेगी।
नए प्रस्तावित रूट के अनुसार रेल लाइन लूनी नदी के पुल को पार कर मोहनलाल पटेल, जितेंद्र पटेल की जमीन, बेरा आमली वाला होते हुए एलआईसी भवन के पीछे से गुजरते हुए बाणगंगा के निकट नए रेलवे स्टेशन तक पहुंचेगी। इसके बाद यह लाइन जैन गुरु गणेश स्थान के पास से नोखड़ा बेरा, पृथ्वीपुरा, गरनिया होते हुए जैतारण तक जाएगी।
नए सर्वे के बाद खेतों में लगाए गए निशानों को लेकर स्थानीय किसानों में चिंता है। उनका कहना है कि यदि यही रूट अंतिम रूप लेता है तो उनकी उपजाऊ और बेशकीमती कृषि भूमि रेल परियोजना में आ सकती है।
रेलवे विभाग के अनुसार पुराने स्टेशन का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा और उसे यार्ड के रूप में विकसित करने के लिए नए ट्रैक और भवन बनाए जाएंगे। वर्तमान में पीपाड़ रोड से बिलाड़ा के बीच रेल संचालन जारी है, लेकिन इस मार्ग पर अभी तक सिग्नल व्यवस्था नहीं है। ट्रेन को फाटकों पर रोककर मैन्युअली संचालन किया जाता है। नए प्रोजेक्ट में इलेक्ट्रिक लाइन और आधुनिक सिग्नल सिस्टम लगाए जाएंगे।
बिलाड़ा से रास के बीच लाइम स्टोन माइंस, चाइना क्ले खदानें, केमिकल फैक्ट्रियां और सीमेंट उद्योग बड़ी संख्या में स्थित हैं। रेलखंड विस्तार से इन उद्योगों को परिवहन सुविधा मिलेगी और रेलवे को माल ढुलाई से अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। रेलखंड के विस्तार से क्षेत्रीय आवागमन सुगम होगा और गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक व दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में व्यापारिक गतिविधियों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी।
सांसद पीपी चौधरी ने इस परियोजना को लेकर रेलवे मंत्रालय में लगातार पैरवी की है। हाल ही में उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर परियोजना को शीघ्र मंजूरी दिलाने का आग्रह किया।
Published on:
16 Apr 2026 03:08 pm
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