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राजस्थान में बनेगा 208KM लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, कोटपूतली से किशनगढ़ पहुंचने में लगेंगे महज 2 घंटे

Kotputli-Kishangarh Greenfield Expressway: कोटपूतली से किशनगढ़ तक 208 किमी दूरी के प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना को लेकर तैयारियां तेज हो गई है।
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जयपुर

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Anil Prajapat

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Updated: 17 Apr 2026, 8:39 AM IST

Rajasthan New Expressway

Photo: AI generated

जयपुर। कोटपूतली से किशनगढ़ तक 208 किमी दूरी के प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना को लेकर तैयारियां तेज हो गई है। इस एक्सप्रेस वे के शुरू होने पर कोटपूतली से किशनगढ़ की दूरी दो घंटे में तय होगी। अभी इस दूरी को तय करने में चार घंटे लग रहे हैं। इसके अलावा दिल्ली से अजमेर की दूरी तय करने वाले यात्रियों को भी दो घंटे की बचत होगी।

लंबे समय से लंबित इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत जल्द ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए आरएसआरडीसी की ओर से भूमि अधिग्रहण पर ग्रामीणों की आपत्ति सुनने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जन सुनवाई शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविर 11 अप्रेल से शुरू हुए थे और 16 अप्रेल तक जारी रहेंगे।

6 हजार करोड़ की लागत से बनेगी फोरलेन सड़क

फोरलेन की इस परियोजना पर 6 हजार करोड़ से अधिक खर्च होने का अनुमान है। इस एक्सप्रेस वे कोटपूतली-बहरोड़ जिले के अलावा सीकर, जयपुर व अजमेर जिले से जुड़ाव होगा। इस मार्ग पर 95 से अधिक अण्डरपास व फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। अलग-अलग स्थानों पर 9 एण्ट्री एक्जिट प्वाइंट होंगे। दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए इस मार्ग पर दुपहिया व तिपहिया वाहनों की एण्ट्री नहीं होगी। किसानों की सुविधा के लिए एक से दो किमी की दूरी पर अंडरपास बनाए जाएंगे।

बाधा रहित यातायात होगा संभव

कोटपूतली के पनियाला से शुरू होने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना को देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाली अहम पहल माना जा रहा है। प्रशासन के अनुसार इस परियोजना के निर्माण से तेज और बाधा रहित यातायात संभव होगा।

यातायात का दबाव होगा कम

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनने से पुरानी सड़कों यानि दिल्ली जयपुर व अजमेर राजमार्ग पर यातायात का दबाव कम होगा और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है। बेहतर और सुरक्षित सड़क सुविधाओं से लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।

किसानों के माथे पर चिंता की लकीर

जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों के बीच अवाप्ति और मुआवजे को लेकर चिंता बनी हुई है। जिन गांवों से एक्सप्रेस वे गुजरेगा वहां के किसान भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। खेती योग्य भूमि कम होने और आय के स्थायी स्रोत प्रभावित होने का डर ग्रामीणों में साफ दिखाई दे रहा है।

इन 14 गांवों से गुजरेगा एक्सप्रेस वे

कोटपूतली क्षेत्र के गाेनेडा, कालूहेडा, बनेटी, नरसिंहपुरा, अमरपुरा, रामनगर में जनसुनवाई हो चुकी। जबकि चूरी, भोपतपुरा, कायमपुरा बांस, चिमनपुरा में जनसुनवाई ग्राम पंचायत मुख्यालय पर 15 अप्रेल को और अवाप्ति शामिल में ग्राम अजीतपुरा खुर्द, चेचीका की नांगल, करवास व जयसिंहपुरा में जन सुनवाई 16 अप्रेल को होगी।

इनका कहना है

किसानों की आपत्तियां सुनकर उनका समाधान कर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाएगा। प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। एक्सप्रेस के निर्माण से राजमार्ग पर यातायात का दबाव घटेगा।
-दिनेश कुमार साहू, परियोजना अधिकारी, कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेस वे