16 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

IIT जोधपुर के साइंटिस्ट का कमाल, अब सूरज की रोशनी से सीधे चार्ज होगी बैटरी, लागत और वजन दोनों कम

IIT Jodhpur Research: आइआइटी जोधपुर की एडवांस्ड एनर्जी मैटेरियल्स लैब में वैज्ञानिक सौर ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण को अधिक सस्ता और प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

2 min read
Google source verification
IIT Jodhpur, IIT Jodhpur research, high-efficiency solar cells, lithium-sulfur batteries, carbon nanotubes, Jodhpur news, Jodhpur latest news, Jodhpur update news, Rajasthan news, IIT Jodhpur research update, IIT Jodhpur new research

रिसर्च करती टीम। फोटो- पत्रिका

जोधपुर। आइआइटी जोधपुर की एडवांस्ड एनर्जी मैटेरियल्स लैब में वैज्ञानिक भौतिकी, मैटेरियल साइंस और इंजीनियरिंग के मेल से नई पीढ़ी के ऊर्जा समाधान तैयार किए जा रहे हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जोधपुर के वैज्ञानिक डॉ. शाहब अहमद और उनकी टीम भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई तकनीकों पर काम कर रही है। उनका शोध सौर ऊर्जा के उत्पादन और भंडारण को आसान, सस्ता और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

यह वीडियो भी देखें

डॉ. अहमद की टीम सॉल्यूशन-प्रोसेसिबल सेमीकंडक्टर आधारित सोलर सेल पर काम कर रही है, जो कम लागत में तैयार होकर अधिक दक्षता दे सकते हैं। साथ ही 'मेटल हैलाइड पेरोव्स्काइट' जैसी नई सामग्री पर शोध किया जा रहा है, जो सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए काफी उपयोगी मानी जा रही है। ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में भी टीम लगातार प्रगति कर रही है। वैज्ञानिक लिथियम-आयन बैटरियों को बेहतर बनाने के साथ-साथ लिथियम-सल्फर और जिंक-आयन जैसी नई बैटरियों पर काम कर रहे हैं। कार्बन नैनोट्यूब तकनीक से बैटरी की क्षमता और उम्र बढ़ाने में भी सफलता मिली है।

यह है खास उपलिब्ध

इस शोध की सबसे खास उपलब्धि 'फोटो-बैटरी' तकनीक है, जिसमें सौर ऊर्जा को एक ही सिस्टम में इकट्ठा और स्टोर किया जा सकता है। इससे अलग-अलग सोलर पैनल और बैटरी की जरूरत खत्म हो सकती है, जिससे लागत और वजन दोनों कम होंगे। यह तकनीक दूर-दराज इलाकों, ड्रोन, वियरेबल डिवाइस और पोर्टेबल उपकरणों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। डॉ. अहमद का कहना है कि उनका लक्ष्य ऐसी तकनीक विकसित करना है, जो किफायती, पर्यावरण के अनुकूल और बड़े स्तर पर उपयोग के लिए तैयार हो।

फोटो-बैटरी की खासियत

एक ही डिवाइस में सोलर पैनल और बैटरी है। यह सूरज की रोशनी से सीधे चार्ज हो सकती है। अलग बैटरी की जरूरत खत्म हो जाएगी, हल्की, सस्ती और कॉम्पैक्ट तकनीक का उपयोग किया गया है। यह शोध ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और भविष्य की स्वच्छ तकनीकों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

शोध की बड़ी बातें

  • कम लागत वाले हाई-एफिशिएंसी सोलर सेल।
  • नई पीढ़ी की लिथियम-सल्फर बैटरियां।
  • कार्बन नैनोट्यूब से बढ़ी बैटरी लाइफ।
  • ड्रोन, आईओटी और दूरस्थ क्षेत्रों में बड़ा उपयोग