
गजेंद्र सिंह दहिया
Kota Open University विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो (डेब) ने कोटा स्थित वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (कोटा ओपन) के जनवरी सेशन में 14 कोर्सेज पर रोक लगा दी है। इस साल छात्र -छात्राएं कोटा ओपन से बीकॉम में प्रवेश नहीं ले पाएंगे। इसके अलावा बीबीए, लोक प्रशासन में बीए व एमए, समाज शास्त्र में एमए, एमएड, बीसीए, एमसीए, एमए गणित, एमए पत्रकारिता, भूगोल में एमसीए, सामाजिक कार्य में बीए व एमए और लाइब्रेरी साइंस में एमए नहीं कर पाएंगे। डेब ने यह निर्णय कोटा ओपन विवि में शिक्षकों की कमी की वजह से लिया है। वास्तव में विवि ने अपने बचे-खुचे शिक्षकों को भी गैर शैक्षणिक कार्यों में लगा रखा है, जिसके कारण यह नौबत आई है।
60 फीसदी विद्यार्थी जोधपुर के
कोटा ओपन विवि में जनवरी और जुलाई दो सेशन होते हैं। जनवरी सेशन में 10 से 12 हजार विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं, जबकि जुलाई में यह आंकड़ा 45 से 50 हजार तक रहता है। विवि में 60 फीसदी से अधिक विद्यार्थी जोधपुर और पाली संभाग के हैं।
इनमें केवल एक-एक शिक्षक
- बीएड व एमएड के लिए 4 शिक्षक थे। इसमें से तीन शिक्षक छोडक़र चले गए। एक शिक्षक डॉ. कीर्ति ङ्क्षसह चाइल्ड केयर लीव पर हैं।
- लोक प्रशासन विभाग में केवल एक शिक्षक डॉ. अकबर है, जिन्हें जयपुर क्षेत्रीय केंद्र का निदेशक बना रखा है।
- बीकॉम के लिए केवल एक शिक्षक डॉ. अनुरोध गोधा हैं, जिन्हें अजमेर क्षेत्रीय केंद्र का निदेशक बना रखा है। एमबीए का कार्यभार भी डॉ. गोधा को दे रखा है।
- कम्प्यूटर विज्ञान में भी केवल एक शिक्षक डॉ. नीरज अरोड़ा है।
- भूगोल में भी केवल एक शिक्षक है।
जुलाई में जीरो सेशन
कोटा ओपन विवि की ओर से समय पर एक्रीडिएशन काउंसिल (नेक) की ग्रेड नहीं लेने से जुलाई सेशन शून्य घोषित हो गया था, जिससे 45 हजार विद्यार्थी प्रवेश लेने से वंचित रहे थे।
विवि करेगा शिक्षकों की भर्ती
शिक्षा मंत्री का नाम आज ही घोषित हुआ है। विवि की ओर से कल ही शिक्षकों की भर्ती का प्रस्ताव भेजने की तैयारी शुरू की जाएगी। इस साल शिक्षकों की भर्ती कर व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाएगी।
प्रो कैलाश सोडाणी, कुलपति, वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय कोटा