
नन्दकिशोर सास्वत
जोधपुर. मंडोर से सुरपुरा बांध तक फैली 120 फुट चौड़ी और 8 किमी लंबी प्राचीन बालसमंद नहर-सुरपुरा के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण और बहाव क्षेत्र के नाले को जगह-जगह से पाटकर आगोर क्षेत्र में धड़ल्ले से निर्माण कार्य के कारण आगामी मानसून में पूरे क्षेत्र में जल भराव से क्षेत्र की कई बस्तियां जलमग्न हो सकती है। क्षेत्र की एक दर्जन से अधिक बस्तियों से होकर गुजरने वाले ओवरफ्लो बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण के कारण दिनों दिन सिकुड़ने की शिकायत के बावजूद निगम अधिकारी चुप्पी साधे है।
15 माह बाद भी हालात जस के तस
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्वाचन क्षेत्र के लिए खुद मुख्यमंत्री की ओर से वर्ष 2021 में विधानसभा सत्र के दौरान वित्त एवं विनियोग विधेयक चर्चा के दौरान जोधपुर के बालसमंद नागादड़ी ओवरफ्लो नाला मंडोर से फूलबाग और चतुरावता बेरा तक नाले की मरम्मत एवं नवीन नाले का निर्माण करने की घोषणा की थी। लेकिन पन्द्रह माह बीतने के बावजूद मरम्मत, निर्माण और टेंडर प्रक्रिया तो दूर नहर के सीमांकन का कार्य तक पूरा नहीं हो पाया है। बहाव क्षेत्र में कई जगह तो जलकुंभी तो कई जगह कचरे व मलबे के ढेर पड़े है। बहाव क्षेत्र में कई जगहों पर तो आवागमन सुविधा के लिए नहर को नाले तक में तब्दील कर दिया गया है।
प्राकृतिक बहाव क्षेत्र की अनदेखी
मंडोर क्षेत्र के इलाकों में पेयजल आपूर्ति एवं कायलाना पर दबाव कम करने के लिए सुरपुरा रिजरवायर व डिग्गी निर्माण किया गया था। लेकिन सुरपुरा में प्राकृतिक रूप से आने वाले जल बहाव क्षेत्र की अनदेखी के कारण मंडोर से शुरू होकर सुरपुरा बांध तक सम्पूर्ण बहाव क्षेत्र के नाले को लगातार अनदेखी का खमियाजा भारी बारिश होने पर फूल बाग, बड़ा बेरा, गोपी बेरा, मंडावता, ऋषिकेश नगर,चतुरावता बेरा, बख्ता का बेरा, हंसलाव की पाळ, जाळ वाला बेरा, बालसमंद वीरेन्द्र नगर आदि क्षेत्रवासियों को भुगतना पड़ सकता है।
वर्क ऑर्डर जारी
बजट सेशन प्रक्रिया हाल ही में पूरी हुई है। अब मंडोर-सुरपुरा के बहाव क्षेत्र के नाले का सर्वे कार्य चल रहा है। हमने इसके लिए 25 करोड़ का वर्क ऑर्डर जारी किया है। इसके लिए संबंधित निर्माण एजेंसी के साथ बैठक कर कार्य जल्द शुरू करने को कहा गया है।
- राजेन्द्र कविया, आयुक्त, नगर निगम उत्तर।