जोधपुर

तीसरी लहर के इंतजार में 16 करोड़ की संपदा पर ताला

-सीएम ने उद्घाटन भी कर दिया, फिर भी शुरू नहीं हुई एमजीएच की नई ओपीडी
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Oct 04, 2021
तीसरी लहर के इंतजार में 16 करोड़ की संपदा पर ताला
तीसरी लहर के इंतजार में 16 करोड़ की संपदा पर ताला

सुरेश व्यास/जोधपुर। कोरोना की तीसरी लहर आ गई तो...? इस चिंता में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह नगर में लगभग 16 करोड़ की लागत से बने संभाग के सबसे बड़े महात्मा गांधी अस्पताल के नए ओपीडी व इमरजेंसी ब्लॉक में गर्द जमने लगी है, जबकि मुख्यमंत्री गत 14 जून को इसका वर्चुअली उद्घाटन भी कर चुके।

लगभग 12 करोड़ की लागत वाला यह प्रोजेक्ट सीएम अशोक गहलोत के दूसरे कार्यकाल के दौरान फरवरी 2011 में मंजूर हुआ था। इसके बाद दो सरकारें बदल गई, लेकिन प्रोजेक्ट 'बीरबल की खिचड़ीÓ बना रहा। गहलोत तीसरी बार मुख्यमंत्री बने तो 1582.75 करोड़ की संशोधित स्वीकृति अगस्त 2019 में जारी की हुई। इसके बाद काम शुरू हुआ, लेकिन कोरोना ने रफ्तार थाम ली। आखिर इसी साल मई में काम पूरा हुआ और सीएम ने गत 14 जून को उद्घाटन भी कर दिया, फिर भी आम लोगों को इसका लाभ मिलना शुरू नहीं हुआ है। ओपीडी में अभी अंदाजन प्रतिदिन एक हजार मरीज आते हैं।

कोरोना में काम आएगा
दरअसल, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नए ब्लॉक को तीसरी लहर में कोविड डेडिकेटेड ब्लॉक के रूप में कथित रूप से आरक्षित कर रखा है। कोरोना की दूसरी लहर में भी इसे कोविड डेडिकेटेड वार्ड बनाया गया। हालांकि यहां मरीज भर्ती करने की नौबत ही नहीं आई, लेकिन इसमें आज भी कोविड के नाम पर कहने को इंफ्लूएंजा लाइक डिजीज (आइएलआइ) आउटडोर व वैक्सीनेशन किया जा रहा है, लेकिन गिनती के मरीज ही पहुंच रहे हैं।

क्यों पड़ी जरूरत
एमजीएच आजादी से पहले बना है। अब यह छोटा पडऩे लगा। इमरजेंसी में भी पर्याप्त स्थान नहीं है। ओपीडी में भारी भीड़ रहती है। इसे देखते हुए अलग से ओपीडी व इमरजेंसी ब्लॉक एमजीएच के पिछवाड़े ओलम्पिक रोड पर बनाने की योजना बनी, ताकि आउटडोर मरीजों की भीड़ के कारण इनडोर सेवाएं प्रभावित नहीं हो।

यह सुविधाएं तैयार
-अंडर ग्राउंड पार्किंग
-भूतल पर पंजीयन कक्ष, एक्स-रे रूम, प्लास्टर रूम, ईसीजी, इको व टीएमटी रूम, क्लास व परीक्षा हॉल, माइनर ऑपरेशन थिएटर, वेटिंग हॉल, पुलिस चौकी, प्रशासनिक खंड, ऑब्जर्वेशन वार्ड, मेडिसन, आर्थो व सर्जरी ओपीडी, ड्रेसिंग रूम, डॉक्टर ड्यूटी रूम, मेल-फिमेल टॉयलट

-पहली मंजिल पर आईसीयू वार्ड, स्टरलाइजेशन रूम, जनरल वार्ड, मेडिसन, आर्थो व सर्जिकल डेमोस्ट्रेशन रूम, मेल-फिमेल टायलट व फायर एस्केप सुविधा
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नंबर गेम
250 बैड की क्षमता
30 आईसीयू भी तैयार
10 साल पुराना है प्रोजेक्ट
12 करोड़ रुपए मंजूर हुए थे 23 फरवरी 2011 को
1582.75 लाख की संशोधित स्वीकृति 30 अगस्त 2019 को
3845.20 वर्गमीटर प्लिंथ एरिया में बना है 2 मंजिला भवन
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इनका कहना हैं...
न्यू आउटडोर तैयार है। लगभग 7.40 लाख की लागत से आइसीयू भी बन चुकी है। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए ओपीडी को ढाई सौ बैड का इनडोर बनाया है। उपकरण व बैड भामाशाहों के सहयोग से लग चुके हैं। अगर कोविड मरीज नहीं आए तो ओपीडी शिफ्ट कर देंगे। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल से ओपीडी स्टेप बाइ स्टेप या फिर एक साथ शिफ्ट करने पर चर्चा चल रही है।

- डॉ. राजश्री बेहरा, अधीक्षक, एमजीएच

Published on:
04 Oct 2021 07:37 pm