जोधपुर

रोडवेज की छह बसों से 172 यात्रियों को भेजा मंदसौर, देर से स्क्रीनिंग करने पहुंची मेडिकल टीम

पावटा बस स्टैंड सर्किल के निकट स्थित बस स्टैंड से गुरुवार दोपहर डेढ़ बजे जोधपुर डिपो की छह बसों से 172 यात्रियों को मध्यप्रदेश के मंदसौर के लिए रवाना किया गया। यह सभी लोग शहर में मजूदरी आदि का काम करते थे। घर जाने की खुशी में कई जने तो सुबह जल्दी ही बस स्टैंड पहुंच गए।
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172 laborers send to mandsaur from jodhpur in corona lockdown
रोडवेज की छह बसों से 172 यात्रियों को भेजा मंदसौर, देर से स्क्रीनिंग करने पहुंची मेडिकल टीम

वीडियो : गौतम उडेलिया/जोधपुर. पावटा बस स्टैंड सर्किल के निकट स्थित बस स्टैंड से गुरुवार दोपहर डेढ़ बजे जोधपुर डिपो की छह बसों से 172 यात्रियों को मध्यप्रदेश के मंदसौर के लिए रवाना किया गया। यह सभी लोग शहर में मजूदरी आदि का काम करते थे। घर जाने की खुशी में कई जने तो सुबह जल्दी ही बस स्टैंड पहुंच गए। मेडिकल टीम देरी से आने के बाद स्क्रीनिंग में देरी हुई। बाद में स्क्रीनिंग कर इन्हें छह बसों से मंदसौर के लिए रवाना किया गया। इस दौरान तहसीलदार रमेश कुमार के नेतृत्व में पटवारी मनीष टोडावत, रोडवेजकर्मी व्यवस्थाओं में जुटे नजर आए।

दो माह बाद घर लौटी ईरान से आए भारतीयों की सेवा करने वाली सेना की नर्सेज
जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन में बनाए गए क्वॉरेंटीन सेंटर में ईरान से लाए गए भारतीयों की लगभग दो महीने सेवा करने के बाद सेना की 6 नर्सेज अब अपने घर लौटी हैं। इस सेंटर में 15 मार्च से ईरान में फंसे भारतीयों को लाने का सिलसिला शुरू हुआ था। तीन बैच में 484 भारतीयों को सेंटर में क्वॉरेंटीन किया गया था। इनकी सेवा में सेना ने छह नर्सिंग अधिकारियों कैप्टन अंजना कुजुर, कैप्टन सविता, कैप्टन शिवाली, कैप्टन मिसम्मा पॉल, कैप्टन अनामिका और कैप्टन प्रिया सिंह को मिलिट्री हॉस्पिटल नसीराबाद से जैसलमेर भेजा था। क्वॉरेंटीन सेंटर से सभी भारतीयों के लौटने के बाद अब इन नर्सेज को वापस नसीराबाद भेजा गया है। नसीराबाद पहुंचने पर सभी नर्सिंग अधिकारियों का सेना के जवानों ने स्वागत किया।

Updated on:
22 May 2020 11:06 am
Published on:
21 May 2020 08:05 pm