
अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. कोरोना वायरस के दो संदिग्ध मरीजों को मथुरादास माथुर अस्पताल में भर्ती किया गया है। अस्पताल प्रशासन ने के नेफ्रोलॉजी वार्ड को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर वार्ड के बाहर का रास्ता बंद कर दिया है। मरीजों की निगरानी के लिए डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ लगा दिए गए हैं। चिकित्सकों के साथ गार्ड व अन्य स्टाफ भी एहतियात के तौर पर मास्क लगा रहे हैं। दोनों युवक चीन के वुहान शहर से 5 सौ किलोमीटर की दूर किसी अन्य शहर में रहते थे।
एक कुड़ी भगतासनी और दूसरा मसूरिया निवासी है। एक युवक टेलर का काम करता है और अस्सी सदस्यीय दल के साथ ट्रेनिंग लेने चीन गया था। दोनों को सामान्य खांसी-जुकाम व बुखार के लक्षण हैं। लेकिन चीन से आकर यहां बीमार पडऩे के चलते संदेह के दायरे में लिया गया है। एक रोगी को काम से पुणे जाना था लेकिन अस्पताल प्रशासन ने रोक लिया। दोनों मरीजों के स्वाब के नमूने जांच के लिए पुणे की वायरोलॉजिकल लैब भेजे गए हैं।
चीन से आया एक अन्य प्रशासन की निगरानी में
चीन से लौटकर आए एक और जोधपुरवासी प्रशासन की निगरानी में है। स्वास्थ्य विभाग उसकी मॉनिटरिंग कर रहा है। उसे एकांत में रहने और घर से नहीं निकलने को कहा गया है। हालांकि ये व्यक्ति स्वस्थ है। लेकिन कुछ दिन चीन में रहा था।
मारवाड़ में कुल 6 संदिग्ध रोगी भर्ती
जोधपुर में दो मरीजों के अलावा बाड़मेर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोरोना वायरस के चार संदिग्ध भर्ती हैं।
प्रिंसिपल-अधीक्षक ने साधी चुप्पी
पूर्व में बच्चों की मौत के आंकड़े सार्वजनिक करने को लेकर चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को फटकार लगाई थी। इसके चलते प्रिंसिपल डॉ. एसएस राठौड़ और और एमडीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेन्द्र आसेरी कोरोना वायरस को लेकर कोई भी जानकारी साझा करने से बच रहे हैं।
क्या है कोरोना वायरस
कोरोना का संबंध ऐसे वायरस परिवार से है जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। चीन के वुहान में दिसंबर में पहली बार इस वायरस का संक्रमण हुआ था। इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए अब तक कोई टीका नहीं बना है। इस वायरस के ज्यादातर केस बिल्ली, चमगादड़ व ऊंट जैसे जानवरों में देखे गए हैं। कुछ स्टडी में इसका सोर्स सांप को भी बताया गया है। ये वायरस जानवरों से इंसानों में पहुंचा है।
ये हैं लक्षण
इसके संक्रमण से बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ , नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती है। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है। इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है।