
जोधपुर. डिस्कॉम के पुराना बिजलीघर स्थित कार्यालय से सेवानिवृत्त वरिष्ठ लिपिक (कैशियर) के विरुद्ध 22 लाख रुपए गबन का मामला दर्ज करवाया गया है। कैशियर लोगों के जमा कराए बिलों की राशि में रुपयों की हेराफेरी करता था। विभाग को गबन की जांच करने में दो साल से ज्यादा समय लग गया। यही वजह है कि डिस्कॉम की ओर से वरिष्ठ लिपिक के सेवानिवृत होने के दो साल बाद शुक्रवार को उदयमंदिर थाने में मामला दर्ज करवाया। हालांकि वरिष्ठ लिपिक को सेवानिवृत्ति पर मिलने वाले पीएएफ और ग्रेच्युटी का भुगतान रोक दिया गया था।
उदयमंदिर थाना पुलिस ने डिस्कॉम के सहायक अभियंता प्रहलाद राम की ओर से दी रिपोर्ट के हवाले से बताया कि वरिष्ठ लिपिक के पद से सेवानिवृत्त धमेंद्र सिंह वर्ष 2011 में सेंट्रल जेल के सामने स्थित पुराना बिजलीघर कार्यालय में कैशियर के पद पर कार्यरत था। उसने वर्ष 2013 से 2017 के दौरान 22 लाख रुपए का गबन किया। इससका खुलासा विभागीय ऑडिट के दौरान हुआ। गबन का पता लगने पर उसके खिलाफ जांच शुरू की गई। इस दौरान वर्ष 2017 में वह सेवानिवृत हो गया।