
जोधपुर.
चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह से जुड़े तीन युवकों को गिरफ्तार कर चोरी की तीन लग्जरी कारें और 25 रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र (आरसी) जब्त की। आश्चयर्जनक बात तो यह है कि आरोपियों से जब्त 25 आरसी में वाहन के जो पंजीयन नम्बर अंकित हैं उन नम्बर के कोई वाहन मौजूद तक नहीं हैं।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) दिगंत आनंद ने बताया कि गिरोह से जुड़े बालोतरा (बाड़मेर) में पचपदरा रोड पर पुरानी धान मण्डी के पीछे निवासी भगवानदास (37) पुत्र मिश्रीगिरी गोस्वामी, पाल रोड पर बालाजी नगर द्वितीय निवासी मनीष (37) पुत्र वासुदेव गौड़ और जयपुर में शाहपुरा थानान्तर्गत करणीसर चिमनपुरा निवासी विक्रमम (29) पुत्र रामेश्वर यादव को गिरफ्तार किया गया है। तीनों से चोरी की तीन लग्जरी कारें और 25 आरसी जब्त की गई हैं। इनमें से एक कार दिल्ली में राजौरी गार्डन, दूसरी कार फरीदाबाद से चोरी की है। तीनों कारों के इंजन व चैसिस नम्बर टैम्पर्ड (घिसकर) दूसरे नम्बर लिखे गए हैं। एक कार की फर्जी आरसी बनवाई गई है। आरोपी विक्रम को चार दिन और शेष दोनों को दो-दो दिन के रिमाण्ड पर लिया गया।
कार्रवाई में एडीसीपी (पश्चिम) हरफूल सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त (प्रतापनगर) नीरज शर्मा, थानाधिकारी लिखमाराम व अन्य अधिकारी शामिल थे।
वाहन का पता तक नहीं और आरसी जारी की
थानाधिकारी लिखमाराम ने बताया कि आरोपियों से जब्त 25 आरसी वाले वाहन वर्तमान में अस्तित्व में ही नहीं हैं। यानि वाहनों के अभाव में परिवहन विभाग ने आरसी तक जारी कर दी। आरोपी चोरी के वाहनों में ऑरिजनल इंजन व चैसिस नम्बर घिसकर उन पर इन आरएसी में अंकित इंजन व चैसिस नम्बर लिखकर बेचने का काम करते थे। इस कारनामे में परिवहन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। जिनके बारे में जांच की जा रही है।
बीस आरसी बालोतरा परिवहन विभाग से जारी हुई
आरोपियों से जब्त 25 आरसी में अधिकांश ट्रक व भारी वाहनों की हैं। आरोपियों में शामिल मनीष बालोतरा के परिवहन विभाग में संविदाकर्मी है। उससे एक कार बरामद हुई है। जो उसने किसी अन्य से खरीदी थी। जबकि यह कार चोरी की है।
अरूणाचल प्रदेश परिवहन विभाग से एनओसी जारी
एक आरोपी से अरूणाचल प्रदेश के परिवहन विभाग से जारी वाहन की एनओसी बरामद की गई है। जिसके आधार पर वे राज्य के परिवहन विभाग से फर्जी आरसी बनवाने की फिराक में थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी अरूणाचल प्रदेश परिवहन विभाग से जारी एनओसी के आधार पर राज्य के परिवहन विभाग से फर्जी आरसी बनवा रहे हैं।