
जोधपुर. शहर में एलिजा टेस्ट से डेंगू के 27 नए मामले सामने आए हैं। इस साल डेंगू रोगियों की संख्या अब 686 पहुंच गई है। ये रोगी बालसमंद, शास्त्रीनगर, ओम नगर मटकी चौराहा, एमजीएच पीजी हॉस्टल, अंबेडकर कॉलोनी, गांधी हॉस्पिटल क्वार्टर, बाड़मेर, बावड़ी, हाथीराम का ओड़ा मेड़ती गेट, भदवासिया, खारिया खंगार भोपालगढ़, सारण नगर दस दुकान, छीपों का चौक वीर मोहल्ला, मंडोर रॉयल्टी नाका पन्नेलाल गोशाला, बोरानाड़ा पुलिस चौकी के पास, इमरतिया बेरा पावटा सी रोड, रमजान जी का हत्था, ओसियां, भाटेलाई पुरोहितान, पाल, शिव बाड़मेर, रोहिट पाली, जैसलमेर, पाल बालाजी व फलोदी क्षेत्र से भी डेंगू मरीज सामने आए हैं।
प्रतापनगर, मदेरणा कॉलोनी व शोभावतों की ढाणी में सर्वाधिक डेंगू रोगी
शहर में डेंगू वायरस बेकाबू हो गया है। शहर में डेंगू सर्वाधिक फैलने वाले स्थान को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने चिन्हित किए हैं। शहर के प्रतापनगर, मदेरणा कॉलोनी व शोभावतों की ढाणी से सर्वाधिक डेंगू रोगी सामने आ रहे हैं। इन जगहों पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अपनी टीमें भेज लोगों के घरों में बंद पड़े कूलर से पानी निकलवा रहा है। साथ ही मटकियों के नीचे रखे पात्र भी खाली कराए जा रहे हैं। कई जगह टीमों को लार्वा भी मिले हैं। इस दौरान यहां एंटी लार्वल गतिविधि भी कराई गई हैं। कई क्षेत्रों में पक्षियों के परिंडों में लार्वा पाए गए हैं, जिन्हें भी टीम ने मौके से खाली करवाया। इन जगहों से कार्ड व एलिजा दोनों टेस्ट के मरीज सामने आ रहे हैं।
सीएमएचओ डॉ. बलवंत मंडा ने कहा कि डेंगू को रोकने के लिए सबसे जरूरी आमजन की जागरुकता भी है। विभाग अपने संपूर्ण संसाधन लगाकर विभिन्न जगहों पर टीमें भेज रहा है। घरों में लंबे समय से जमा पात्रों को खाली करके ही डेंगू पर काबू पाया जा सकता है।