जोधपुर

मेहमान परिन्दे ‘कुरजां’ पर बरपा कहर, एक साथ 37 पक्षियों की मौत

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्कफलोदी. यूं तो खीचन गांव कुरजां के प्रवास के लिए काफी पसंदीदा और सुरक्षित स्थान है, लेकिन गुरुवार की सुबह इन पक्षियों के लिए बेदह खतरनाक साबित हुई।
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Nov 07, 2019
फलोदी. मृत कुरजां के शव
फलोदी. मृत कुरजां के शव

दरअसल आज सुबह खीचन गांव में जगह-जगह पक्षियों काल-लवलित होकर पड़े मिले शवों से हर कोई सहम गया। गांव के विजय सागर व रातड़ी नाडी तालाब के पास मैदान सहित अलग-अलग स्थानों से कुरजां के कुल ३७ शव मिले तथा ३ कुरजां बीमार मिली। सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीण एकत्रित हो गए।
पक्षी प्रेमी सेवाराम माली ने बताया कि आज सुबह विजय सागर तालाब पर कुछ कुरजां के मृत पड़े होने की सूचना मिली थी। जिस पर मौके पर पंहुचे तो विजय सागर तालाब के पीछे के मैदान में तथा तालाब के किनारे 15 कुरजां मृत पड़ी थी। इसके बाद रातड़ी नाडी तालाब के मैदान में भी पक्षियों के शव पड़े होने की सूचना मिली। वहां जाकर देखा तो 16 कुरजां मृत मिली। इसके बाद लोर्डियां सडक़ मार्ग पर भी 6 कुरजां मृत मिली। कुरजां बड़ी संख्या में मौत की वन्यजीव विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। मृत पक्षियों के शवों का निस्तारण कर दिया गया तथा बीमार कुरजां का रेस्क्यू सेण्टर में डॉ. भागीरथ सोनी द्वारा उपचार किया गया। फिलहाल पक्षियों की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

Updated on:
07 Nov 2019 12:42 pm
Published on:
07 Nov 2019 12:42 pm