
जोधपुर। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 ( 370 Jammu and Kashmir ) निष्प्रभावी करने के बाद पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को भेजने के साथ दोनों देशों के बीच चलने वाली ट्रेनें समझौता एक्सप्रेस ( Samjhauta Express ) और थार एक्सप्रेस ( Thar Express ) रद्द कर दी, लेकिन मंगलवार रात ऐन वक्त पर पाकिस्तान ने दोनों देशों के अधिकारियों के मध्य हर महीने होने वाली टिड्डी समीक्षा बैठक को हरी झंडी दे दी। इसके बाद बुधवार दोपहर 3:30 बजे दोनों देशों के टिड्डी नियंत्रण अधिकारियों के मध्य बैठक आयोजित कर एक-दूसरे के देश में टिड्डी हमले ( Tiddi Dal Attack ) की समीक्षा की गई। बैठक में पाकिस्तान सरकार के प्लांट प्रोटेक्शन विभाग के तकनीकी निदेशक डॉ.तारिक मोहम्मद खान ने कहा कि पाकिस्तान अपने क्षेत्र में टिड्डी से मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिक प्रभावी ढंग से नियंत्रण के लिए मेलाथिन पेस्टिसाइड के अलावा अन्य पेस्टिसाइड भी उपयोग किए जा रहे हैं।
सुबह कराची से रवाना हुए अधिकारी
भारत व पाकिस्तान के टिड्डी नियंत्रण अधिकारियों की बैठक 21 अगस्त को बाड़मेर के मुनाबाव में प्रस्तावित थी। भारत की ओर से सीमा सुरक्षा बल ने अगस्त के प्रथम सप्ताह में ही पाकिस्तान को इस संबंध में सूचना दे दी थी। सामान्यत: पाकिस्तान की ओर से बैठक से 1 सप्ताह पहले ही कन्फर्मेशन मिल जाती है लेकिन इस बार जम्मू कश्मीर मामले को लेकर पाकिस्तान ने इसकी मंजूरी रोक दी। संयुक्त राष्ट्र के कृषि एवं खाद्य संगठन के अधिकारियों और खुद पाकिस्तान सरकार के कृषि अधिकारियों की समझाइश के बाद 20 अगस्त की रात 10 बजे पाकिस्तानी सरकार ने इस बैठक के लिए हांमी भरी। भारतीय अधिकारियों को बीती रात फोन करके बैठक के बारे में जानकारी दी गई। सामान्य तौर पर बैठक सुबह 10 बजे शुरू होती है लेकिन ऐन वक्त पर बैठक का कार्यक्रम बनने से पाकिस्तानी अधिकारी खुद बुधवार सुबह कराची से मुनाबाव के लिए निकले। मुनाबाव में दोपहर 3.30 से शाम 5.30 बजे तक सौहाद्र्रपूर्ण माहौल में बैठक हुई।
हमने 80, पाक ने 30 हजार हेक्टेयर में ही चलाया नियंत्रण कार्यक्रम
बैठक में भारत की ओर से जोधपुर स्थित टिड्डी चेतावनी संगठन के उप निदेशक डॉ. केएल गुर्जर सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। डॉ. गुर्जर ने बताया कि पाकिस्तान ने अब तक 30 हजार 70 हेक्टेयर में टिड्डी नियंत्रण कार्यक्रम चलाया है। वहां भी अब वयस्क टिड्डी के मुकाबले होपर्स ज्यादा है। जिन पर काबू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। भारत ने राजस्थान व गुजरात के जिलों में अब तक 80 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में टिड्डी पर पेस्टिसाइड स्प्रे किया है।