
स्टोरी : अविनाश केवलिया/फोटोज : गौतम उडेलिया/जोधपुर. पिछले कई वर्षों से बदहाली और उपेक्षा झेल रहा मंडोर उद्यान अब हाईकोर्ट की सख्ती के बाद फिर से सांस लेने लगेगा। कई सिविल और इलेक्ट्रिक वर्क के साथ इस बार राज्य सरकार मंडोर उद्यान के फाउंटेन जो मरने की स्थिति में आ चुके हैं उन्हें फिर से जिंदा करने की कोशिश की जा रही है।
राजस्थान हाईकोर्ट में पीआइएल लगने के बाद राज्य सरकार मंडोर उद्यान की दशा सुधारने के लिए कमर कस चुकी है। सार्वजनिक निर्माण विभाग को सिविल और इलेक्ट्रिक कार्य के लिए करोड़ों रुपए का बजट आवंटित किया गया है। करीब 35 से ज्यादा छोटे-बड़े फाउंटेन फिर से जिंदा करने की कवायद की जा रही है। मंडोर उद्यान को एक बार फिर पर्यटन स्थल बनाने के लिए सरकार ने प्रयास शुरू किए हैं।
ऐसे होंगे काम
- 85.16 लाख में वाटर फॉल का नवीनीकरण और इलेक्ट्रिफिकेशन किया जाएगा, अर्धचंद्राकार पूल और ओल्ड बॉल फाउंटेन, नागादडी में जेट के साथ एरेशन सिस्टम।
- 86.75 लाख में मंडोर उद्यान की नहर में नवीनीकरण और इलेक्ट्रिफिकेशन कार्य।
- 88.73 लाख की राशि में लंबे फाउंटेन में नवीनीकरण, देवल के पीछे वाटरफॉल और मंडोर उद्यान में सनसेट पॉइंट का विकास।
- 88.03 लाख में गुलाब उद्यान का नवीनीकरण और उसमें लगे फाउंटेन की मरम्मत, पंप हाउस, अजीत पोल, देवताओं की साल और म्यूजियम चौराहा फाउंटेन का विकास।
- 78.08 लाख में सबसे लंबे मुख्य मंडोर उद्यान के म्यूजिकल फाउंटेन का विकास किया जाएगा।
हाईकोर्ट की फटकार के बाद अधिकारी उतर चुके हैं फील्ड में
मंडोर उद्यान की बदहाली को लेकर दायर हुई पीआइएल में राजस्थान हाईकोर्ट ने कई बार फटकार लगाई है। उसके बाद पिछले कुछ माह में जिला प्रशासन से लेकर अलग-अलग विभागों के अधिकारी एक्टिव हुए हैं। जिला कलक्टर ने एक दिन पहले ही अधिकारियों के साथ मौका निरीक्षण करते हुए कई निर्देश दिए थे।
फैक्ट फाइल
- 39 से ज्यादा छोटे और बड़े फाउंटेन का विकास होगा
- 4.26 करोड़ का कुल बजट फाउंटेन विकास का बजट
- 1 वर्ष में पूरा करना है काम
इनका कहना
मंडोर उद्यान के विकास का अधिकांश बजट सार्वजनिक निर्माण विभाग को दिया गया है। जेडीए सिर्फ फाउंटेन विकास का काम करेगा। इसके लिए हमने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
- अभिषेक परिहार, कार्यवाहक अधिशासी अभियंता, जेडीए जोधपुर