जोधपुर

jodhpur: जोजरी के जीर्णाेद्धार के लिए 400 करोड़ का प्रोजेक्ट, लेकिन राज्य सरकार का सहयोग नहीं

केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि जोजरी के जीर्णाेद्धार और संपूर्ण सौंदर्यीकरण के लिए 400 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ है, लेकिन राज्य सरकार का जो सहयोग इसमें मिलना चाहिए, वह नहीं मिल रहा। विकास के मामलों में भी क्या राजनीति हो रही है? यह समझ से परे है।
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Mar 20, 2023
jodhpur: जोजरी के जीर्णाेद्धार के लिए 400 करोड़ का प्रोजेक्ट, लेकिन राज्य सरकार का सहयोग नहीं
jodhpur: जोजरी के जीर्णाेद्धार के लिए 400 करोड़ का प्रोजेक्ट, लेकिन राज्य सरकार का सहयोग नहीं


- जोधपुर पॉल्यूशन कंट्रोल एंड रिसर्च फाउंडेशन के सम्मान समारोह में बोले केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री शेखावत

जोधपुर. केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि जोजरी के जीर्णाेद्धार और संपूर्ण सौंदर्यीकरण के लिए 400 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ है, लेकिन राज्य सरकार का जो सहयोग इसमें मिलना चाहिए, वह नहीं मिल रहा। विकास के मामलों में भी क्या राजनीति हो रही है? यह समझ से परे है।

रविवार रात जोधपुर पॉल्यूशन कंट्रोल एंड रिसर्च फाउंडेशन सांगरिया के तत्वावधान में आयोजित सम्मान समारोह में केन्द्रीय मंत्री शेखावत और भाजपा जोधपुर शहर के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष्र देवेन्द्र सालेचा का अभिनंदन किया गया। केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत के समक्ष उद्यमियों ने जोजरी नदी के जीर्णाेद्धार का मुद्दा उठाया। शेखावत ने कहा कि 15वें फाइनेंस कमीशन से जोजरी के जीर्णाेद्धार और संपूर्ण सौंदर्यीकरण के लिए 400 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया है। यह ट्रीटमेंट पानी रिफाइनरी देने के लिए मैंने बात की थी। बदले में हमें इंदिरा गांधी नहर का अधिक पानी मिलता। इसके लिए मेरी रिफाइनरी के अधिकारियों से भी बातचीत हो गई है।

विकास में राजनीति

शेखावत ने कहा कि दिल्ली से आइआइटी के इंजीनियर्स की टीम भी यहां आकर सर्वे कर चुकी, लेकिन राज्य सरकार का जो सहयोग इसमें मिलना चाहिए, वह नहीं मिल रहा। विकास के मामलों में भी क्या राजनीति हो रही है? यह समझ से परे है। शेखावत ने कहा कि मेरी मंशा है कि इस नदी में सौ प्रतिशत शुद्ध पानी बहे। इसका पानी खेती में सिंचाई के लिए भी दिया जा सकता है।

जोधपुर आइआइटी में बनवाई वाटर चेयर

केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने जोधपुर की टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज और स्टील इंडस्ट्रीज की इकाइयों से निकलने वाले स्लज की जांच की बात करते हुए कहा कि इस स्लज का केमिकल अध्ययन करने के लिए जोधपुर आइआइटी को शोध के लिए प्रोजेक्ट दे दिया जाएगा। यदि यह स्लज सही निकली तो इसके रियूटिलाइज करने पर काम करना पड़ेगा।

Published on:
20 Mar 2023 09:31 pm