
गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. किसानों की ऋण माफी योजना में जालोर जिले की करीब 27 ग्राम सेवा सहकारी समितियों (जीएसएस) में 50 करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला सामने आया है। किसानों के नाम ऋण जीएसएस कर्मचारियों, सरकारी कर्मचारियों, आयकरदात्ताओं के फर्जी ऋण माफ कर दिए गए। सरकार ने प्राथमिक जांच के बाद केंद्रीय सहकारी बैंक जालोर के महाप्रबंधक ओमपालसिंह भाटी को एपीओ (पदस्थापना की प्रतीक्षा में) कर दिया।
भाटी ने सोमवार को ही जोधपुर स्थित अतिरिक्त मुख्य रजिस्ट्रार (सहकारिता) कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराई है। ऋण माफी योजना के तहत गत वर्ष लघु व सीमांत किसानों का 50 हजार रुपए का ऋण माफ किया गया। सामान्य किसानों का उनकी जोत के आकार के आधार पर ऋण माफ करने का मानदण्ड तय किया था।
इसमें कई जीएसएस व्यवस्थापकों ने 2 हेक्टेयर से अधिक जोत वाले ऋणियों को ऋण माफी की सूची में दो हेक्टेयर से कम वाली श्रेणी में रखकर पात्रता शर्तों का उल्लंघन किया गया। काश्तकारों के नाम में हेरफेरी की गई। फसल बीमा क्लेम की राशि का गबन किया गया। राज्य सरकार को भेजी गई सूचियों में अपात्र के नाम भी सम्मिलित किए गए।
इन जीएसएस में अनियमितता की मिली शिकायतें
बालवाड़ा, पुनासा, आसाणा, चौराऊ, ऐलाना, सायला, केशवणा, सिराणा, मेंगलवा, जीवाणा, रंगाला, मोरसम, भालनी, दांतीवास, माण्डोली, थूर, आलडी, वणधर, कुडा, गांग, दाता, भवरानी, गुडा बालोतान, आहोर पश्चिम, कंवला, भूमि और रायथल।
व्यवस्थापक फरार, एआर खाली लौटी
बालवाड़ा जीएसएस में जांच का जिम्मा जोधपुर की असिस्टेंट रजिस्ट्रार सुनीता राजोरिया को सौंपा गया। राजोरिया पूर्व सूचना देकर बालवाड़ा पहुंची लेकिन जीएसएस व्यवस्थापक रामेश्वर लाल वहां से गायब हो गया। रामेश्वर लाल मंगलवार को जोधपुर पहुंचे और जांच में सहयोग का आश्वासन दिया।
मृतक किसानों के ऋण माफ किए
पादरली जीएसएस में व्यवस्थापक आशाराम के खिलाफ किसानों ने कलक्टर से शिकायत की। किसानों ने बताया कि शैतानसिंह, खंगारसिंह, तग सिंह और मोती सिंह किसान 2015-16 में मर गए। प्रभुराम, ममता, फूलीदेवी और विक्रम कुमार भूमिहीन किसान है। उनको भी ऋण दिए गए। सरकारी कर्मचारी जबरपुरी, हंसासिंह, राजपुरी, हिम्मतपुरी, चंदनसिंह, भंवरसिंह के नाम से ऋण माफी की गई।
सीसीबी एमडी एपीओ
जालोर में ऋण माफी से सम्बंधित कुछ शिकायतें मिली थी। मेरे पास अभी जांच रिपोर्ट नहीं आई है। जालोर सीसीबी एमडी ओमपाल सिंह भाटी को सरकार ने एपीओ किया है।
- धनसिंह देवल, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (सहकारिता) जोधपुर
(इस मामले में सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना से भी बात करने की कोशिश की गई। कई बार फोन लगाने के बावजूद उनके पीए ने ही फोन उठाया।)