
भावी / जोधपुर. कापरड़ा हाइवे सेज के पास शीतकालीन प्रवास पर आने वाले प्रवासी पक्षी कुरजां की पिछले तीन दिनों से मौत का सिलसिला जारी है।
क्षेत्र में शनिवार शाम तक 57 कुरजां की मौत हो चुकी है। इसके अलावा कई मेहमान परिंदे घायल हैं। इनके उपचार के लिए अस्थाई रेस्क्यू सेंटर बनाया गया है। प्रथम दृष्टया पक्षियों की मौत का प्रमुख कारण 'रानीखेत` बीमारी माना जा रहा है। वनविभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम ने 'रानीखेत' की आशंका के मद्देनजर आसपास के करीब पांच किमी क्षेत्र के तालाबों में वैक्सीनेशन अभियान की तैयारी की है।
डीएफओ डॉ. रमेश कुमार मालपानी ने बताया कि वन्यजीव प्रेमी रावर निवासी भंजनलाल नैण, सहीराम डारा, श्रवण डारा व राकेश खोखर सहित अन्य ग्रामीणो ने पक्षियों मरते देख बिलाडा उपखंड अधिकारी भवानीसिंह चारण व तहसीलदार ताराचंद प्रजापत को सूचना दी। इस पर वन विभाग के अधिकारी ,कर्मचारी, चिकित्सक टीम तथा बिलाड़ा व भोपालगढ़ से उडऩदस्ता मौके पर पहुंचा।
मृत पक्षियों का विसरा जांच के लिए भेज दिया गया है। कापरडा सेज व अरावली शिक्षण संस्थान के पास लगभग चार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बड़ी संख्या में कुरजां ने पड़ाव डाला था।