
जोधपुर. हम आत्महत्या कर लेंगे लेकिन फिर से पाकिस्तान नहीं जाएंगे। सरकार चाहे तो हमें जेल भेजे या फिर गोली मार दे। पाकिस्तान में हो रहे जुल्मों से मुक्ति पाने के लिए भागकर भारत आए 19 सदस्यों के परिवार में से 5 पुरुष व एक महिला को सीआइडी ने भारत छोडऩे का नोटिस जारी किया है। इस पर परिवार के सदस्यों ने कुछ दिन पहले केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से भी मदद की गुहार लगाई थी। इधर सीआइडी के लिए थार व समझौता एक्सप्रेस के बंद होने पर 6 सदस्यों को पाकिस्तान डिपोर्ट करना भी चुनौती होगी।
यह है मामला
पाक विस्थापित सुंदरराम ने बताया कि पाकिस्तान के जुल्मों से परेशान होकर वर्ष 2014 में उसका भाई नंदलाल परिवार के साथ सबसे पहले जोधपुर आया था। जहां जोधपुर में रोजगार नहीं मिलने पर वह नाचना में परिवार सहित कढाई का काम करने लगा। इसके बाद वह अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ वर्ष 2016 में जोधपुर आए। जहां वे भी काम की तलाश में नाचना चले गए। उनके परिवार के 19 सदस्यों यहां रहने लगे। गत 19 नवम्बर को विदेशी पंजीयन अधिकारी (सीआइडी) ने उसके पिता गुलचंद उर्फ गुल्लुजी, भाई नंदलाल उर्फ नवाबचंद, किशोरदास, जयरामदास, कंवर राम व बहन काजल को तत्काल भारत छोडऩे का नोटिस जारी किया। आदेश में परिवार के लोगों को जोधपुर वीजा पर जैसलमेर के नाचना क्षेत्र में रहने पर वीजा नियमों का उल्लघंन बताया है।
पाकिस्तान नहीं जाएंगे
नंदलाल की पत्नी परमेश्वरी ने बताया कि परिवार के 19 सदस्यों में कमाने वाले 6 पुरुष हैं। बाकी 13 महिलाए व बच्चे हैं। परिवार में कमाने वाले 5 सदस्यों को पाकिस्तान भेज देंगे तो पीछे भरण-पोषण कौन करेगा। उसके भी चार बेटियां है लेकिन पति पाकिस्तान चले गए तो वह बच्चों को कैसे पालेंगी।
जुल्मों से बचने के लिए नाम भी बदला
सुंदरराम ने बताया कि पकिस्तान में लोग उनके हिंदू नाम रखने पर परेशान करते थे। इस पर वे वहां अपना नाम तक बदल कर बताते थे। वह अपना नाम सिकंदर बताता था।
4 माह बाद शादी होनी थी अब टल गई
पिता व भाई के साथ काजल को भी भारत छोडऩे का नोटिस मिला है। काजल की हाल ही में सगाई हुई थी। चार माह बाद उसकी शादी होने वाली है। अब नोटिस मिलने पर शादी भी टल गई।
इनका कहना है
कोर्ट की अनुमति के बिना सीआइडी परिवार के लोगों को भारत छोडऩे का नोटिस नहीं जारी कर सकती है। अगर परिवार के लोगों ने कोई नियम तोड़ा है तो उनके खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाए। परिवार के लोग पाकिस्तान में जुल्मों से बचने के लिए वे भारत आए। उन्हें फिर से पाकिस्तान भेज देंगे तो पीछे उनकी पत्नियां व बच्चे किसके भरोसे रहेंगे।
हिंदू सिंह सोढ़ा, अध्यक्ष, सीमांत लोक संगठन