
जोधपुर।
प्रदेश के एकमात्र सरकारी शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय (फिजीकल कॉलेज) के ब्वॉयज होस्टल की बिल्डिंग रियायतकाल में बनी हुई है। कॉलेज की स्थापना वर्ष 1957 में हुई थी, बाद में इस भवन को ब्वॉयज हॉस्टल बनाया गया। सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की टीम ओर से करीब 6 साल पहले किए गए सर्वे के दौरान इस बिल्डिंग को अनफिट घोषित किया जा चुका है। इसके बाद, इस हॉस्टल की सुध नहीं ली गई है। परिणामस्वरूप राज्य सरकार की उपेक्षा व महाविद्यालय प्रशासन की उदासीनता के चलते होस्टल की दुर्दशा होने पर महाविद्यालय प्रशासन को मजबूरी में हॉस्टल बंद कर ताला लगाना पड़ा। जिसका खमियाजा यहां प्रवेश लेने वाले प्रशिक्षणार्थी छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। छात्रों को ज्यादा किराया देकर मजबूरी में बाहर रहना पड़ रहा है। जिसका भार पडऩे से कमजोर व गरीब वर्ग के छात्रों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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150 छात्र ले रहे प्रशिक्षण
महाविद्यालय में प्रदेशभर के छात्र-छात्राओं को शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) बनाने के लिए खेलकूद गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाता है। कॉलेज में प्रदेशभर के करीब 150 छात्र बीपीएड व डीपीएड कोर्स के लिए हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते है। बाहर छात्रों को रहने-ठहरने की जगह आसानी से उपलब्ध नहीं हो रही। वहीं उपलब्ध हो रही जगह कॉलेज से कॉफी दूरी पर है।
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इसलिए ताला लगाना पड़ा
जिस समय हॉस्टल चल रहा था, उस समय हॉस्टल के कमरों की हालत खराब थी। कमरों के छज्जें-छतें कमजोर हो चुकी थी, बारिश के दिनों में छतों से पानी टपकता था। कमरों में लाइट व पंखों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं, कमरों के दरवाजें व खिड़कियां टूटी हुई, मैस व बरामदें जर्जर, छात्रों के पीने की पानी की उचित व्यवस्था नहीं, शौचालय व बाथरूम के दरवाजें नहीं, छात्रों को शौच बाहर खुले में ही जाना पड़ता था।
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फिजीकल कॉलेज के हॉस्टल के लिए सरकार व उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा है। पूर्व में सरकार की ओर से फिजीकल कॉलेज में मल्टी पर्पज इन्डोर स्टेडियम के बजट दिया गया। हॉस्टल के नवनिर्माण व जीर्णोद्र्धार के लिए बजट की मांग की है।
प्रेमचंद सांखला, प्राचार्य अतिरिक्त प्रभार
राजकीय शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय, जोधपुर