
अविनाश केवलिया/जोधपुर. कोटा के अस्पतालों में बच्चों की मौत की घटनाओं ने जोधपुर के अस्पतालों की पूरी स्थिति खोल के रख दी है। राज्य सरकार के डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विभाग के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार गत पांच साल में उम्मेद व एमडीएम अस्पताल की शिशु रोग यूनिट में 2 लाख 60 हज़ार 785 बच्चे भर्ती हुए। इनमें से 9364 बच्चों की मौत हो गई। इसमें से 2 हज़ार 908 बच्चों ने 0 से 28 दिन के भीतर दम तोड़ दिया। हालांकि अस्पताल प्रशासन इसे सामान्य स्थिति बता रहे हैं, लेकिन इन सब के बीच राज्य सरकार के जच्चा-बच्चा स्वस्थ रखने जैसे इरादों व विभिन्न योजनाओं के संचालन पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लग रहा है।
गत पांच दिन में मरे 11 बच्चे
उम्मेद व एमडीएम अस्पताल में पिछले 5 दिन में 11 बच्चों की मौत हुई। डॉक्टर्स के अनुसार इनमें कम वजन के बच्चे, प्री मैच्योर, जन्मजात ह्रदय रोगी समेत कई बीमारियों से ग्रसित थे। वहीं 9 बच्चे उम्मेद व 2 एमडीएम अस्पताल में मरे।
हम तो बेहतर हुए हैं
साल 2000 में साढ़े 8 प्रतिशत मृत्यु दर थी, जो 3 प्रतिशत हो गई है। ये सब बेहतर संसाधन की बदौलत है। मरने वाले बच्चे समय पूर्व व कम वजन के होते हैं। हर साल 50 हज़ार बच्चे भर्ती हो रहे हैं। हमारा उम्मेद अस्पताल तो पूरे राजस्थान में सबसे बेहतर है। घबराने की कतई आवश्यकता नहीं, हमारी पूरी टीम सबसे सक्षम और अनुभवी है। पूरे पश्चिमी राजस्थान की जनता को हम पर विश्वास है।
- डॉ. अनुराग सिंह, विभाध्यक्ष, शिशु रोग विभाग, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज
तालिका में
साल --------------- कुल भर्ती बच्चे ---------- न्यू बोर्न डेथ --------- कुल चाइल्ड डेथ कुल
2015 --------------- 48352 ----------------674 --------------- 1901
2016 ---------------- 51343 ---------------- 604 ------------- 1912
2017 ----------------- 53799 --------------- 716 -------------- 2003
2018 ---------------- 53146 ---------------- 403 -------------- 1766
2019 ---------------- 54195 ---------------- 511 --------------- 1782
कुल ------------------ 260835 -------------- 2908 -------------- 9364