
जोधपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए जोधपुर में एक पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी कृषि भूमि के म्यूटेशन के बदले एक लाख रुपए की रिश्वत मांग रहा था। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और 75 हजार रुपए की पहली किस्त लेते ही उसे दबोच लिया।
एसीबी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अंकुश बाघेला पोपावास पटवार मंडल में पटवारी के पद पर कार्यरत है। उसके पास बम्बोर पटवार मंडल का अतिरिक्त प्रभार भी था। परिवादी ने एसीबी को शिकायत देकर बताया था कि ग्राम जोलियाली स्थित कृषि भूमि के सब-डिवीजन प्लान के तहत विकसित खेतेश्वर मार्केट योजना में 20 दुकानों के कुल 500 वर्गगज क्षेत्रफल का म्यूटेशन दर्ज करने के बदले पटवारी पांच-पांच हजार रुपए प्रति दुकान के हिसाब से कुल एक लाख रुपए की रिश्वत मांग रहा है। रिश्वत नहीं देने पर वह जानबूझकर म्यूटेशन की प्रक्रिया लंबित रखे हुए था।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। आरोप सही पाए जाने पर एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर जोधपुर रेंज के उप महानिरीक्षक नारायण टोगस के सुपरविजन में स्पेशल यूनिट ने ट्रैप की योजना बनाई।
शुक्रवार शाम आरोपी पटवारी ने परिवादी को रुपए लेकर मिलने के लिए बुलाया। एसीबी अधिकारियों के अनुसार, आरोपी परिवादी की कार में हेलमेट लेकर बैठा और रिश्वत की रकम मांगी। उसने परिवादी से नकदी हेलमेट के अंदर रखने के लिए कहा। जैसे ही परिवादी ने 75 हजार रुपए हेलमेट में रखे, पहले से निगरानी कर रही एसीबी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान हेलमेट पर लगे रासायनिक पाउडर के निशान भी मिले, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि परिवादी ने वर्ष 2022 में बम्बोर क्षेत्र में कृषि भूमि खरीदी थी। वर्ष 2025 से वह म्यूटेशन के लिए लगातार पटवारी के चक्कर लगा रहा था। आरोप है कि शुरुआत में आरोपी ने डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी, लेकिन बाद में एक लाख रुपए में सौदा तय हुआ। इसमें 75 हजार रुपए पहले और शेष राशि बाद में देने की बात हुई थी।
यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में निरीक्षक मनीष चौधरी और उनकी टीम ने अंजाम दी। एसीबी अब आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसके आवास और अन्य ठिकानों पर संपत्ति एवं दस्तावेजों की जांच कर रही है।