
ग्राम विकास अधिकारी, रामनरेश मीणा (पत्रिका फोटो)
Jodhpur PM Awas Yojana Bribery Case: जोधपुर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक भ्रष्ट सरकारी अधिकारी को रंगे हाथों दबोचा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत गरीब परिवार को मिलने वाले मकान की आखिरी किस्त जारी करने के नाम पर रिश्वत मांगना एक ग्राम विकास अधिकारी (VDO) को काफी महंगा पड़ गया।
बता दें कि एसीबी की जोधपुर ग्रामीण इकाई ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत ठाडिया (पंचायत समिति चामू) के ग्राम विकास अधिकारी रामनरेश मीना को 3500 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि ब्यूरो को एक ग्रामीण (परिवादी) ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत परिवादी की पत्नी के नाम एक मकान स्वीकृत हुआ था। मकान के निर्माण के बाद उसकी तीसरी यानी आखिरी किस्त जारी होनी थी, जिसके लिए मकान की फोटो खींचकर रिपोर्ट लगानी थी।
ग्राम विकास अधिकारी रामनरेश मीणा इस काम को करने और किस्त जारी करने के बदले 3500 रुपए की रिश्वत मांग रहा था। आरोपी अधिकारी लगातार पैसे देने का दबाव बना रहा था और पैसे न मिलने पर पीड़ित को परेशान कर रहा था।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने सबसे पहले मामले का सत्यापन करवाया। जांच में रिश्वत मांगने की बात बिल्कुल सच साबित हुई। इसके बाद एसीबी ने आरोपी को पकड़ने के लिए एक जाल बिछाया। योजना के मुताबिक, जैसे ही पीड़ित ने ग्राम विकास अधिकारी रामनरेश मीणा को रिश्वत के 3,500 थमाए, वैसे ही पहले से तैयार बैठी एसीबी की टीम ने धावा बोल दिया। टीम ने आरोपी अधिकारी को मौके पर ही रिश्वत की राशि के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
बताते चलें कि यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस सोनी के कुशल निर्देशन में की गई। वहीं, मौके पर ट्रैप की कार्रवाई का नेतृत्व एसीबी जोधपुर ग्रामीण के अनिल कुमार ने किया। एसीबी ने आरोपी रामनरेश मीणा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। ब्यूरो की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
Updated on:
16 Jul 2026 06:34 pm
Published on:
16 Jul 2026 06:34 pm
