
फलोदी. नेशनल हाइवे 11 पर जोधपुर चौराहे पर बने फ्लाई ओवर से मंगलवार शाम नीचे उतरने के बाद एसीटिक एसिड से भरा एक टैंकर निर्माणाधीन रेलवे ओवर ब्रिज से पहले न्यायालय परिसर के सामने अनियंत्रित होकर पलट गया। टैंकर के पलटने के बाद सड़क पर एसिड बहने लगा। एसिड के बहने से चारों ओर तेज गंध फैल गई। जिससे लोगों को आंखों में जलन महसूस हुई। टैंकर के पलटने से टैंकर का एक तरफ का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया तथा एक चालक अन्दर फंस गया। मौके पर उपस्थित लोगों की जागरूकता से टैंकर में फंसे व्यक्ति को बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान उसे हल्की चोटें भी आई। हादसे की खबर मिलते ही मौके पर काफी लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। काफी मशक्कत के बाद हालातों पर काबू पाया जा सका।
एसआई इन्दाराम ने बताया कि गुजरात के काण्डला से पंजाब के बारनुला के एसिड भरकर रवाना हुआ यह टैंकर फ्लाई ओवर से नीचे उतरने के बाद न्यायालय परिसर के पास दूसरी सड़क की तरफ मुड़ा रहा था। इस दौरान टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। जिससे टैंकर में भरा एसिड सड़क पर बहने लगा। सूचना पर पुलिस मौके पर पंहुची और 4 हाइड्रा मशीनों की सहायता से टैंकर को सीधा किया।
गंध से आंखों में हुई जलन
टैंकर को सीधा करते उससे पहले सड़क पर बिखरे काफी एसिड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया तथा हाइवे पर चारों ओर एसिड की तेज गंध फैल गई। जिससे लोगों को आंखों में जलन होने लगी।
क्या है एसिटिक एसिड
एसीटिक एसिड एक प्रकार का कार्बाेक्सिलिक एसिड है तथा औद्योगिक रसायन है। जिसकी गंधी तीखी व स्वाद में खट्टा होता है। एसीटिक एसिड का उपयोग शीतल पेय की बोतलों के लिए पॉलीइथाइलीन टेरीफ्थेलेट, फोटोग्राफिक फिल्म के लिए सेल्यूलोस एसीटेट, लकड़ी के गोंद के लिए पॉलीवाइनिल एसिटेट, सिन्थेटिक फाइबर व कपड़े बनाने में होता है। एसीटिक एसिड से त्वचा जल सकती है तथा इससे आंखों में जलन होती है।