
भोपालगढ़ (जोधपुर). कस्बे के शिम्भेश्वर तालाब के पास स्थित दाता साहेब मंदिर प्रांगण में नवरात्र की पूर्णाहुति के अवसर पर रविवार रात्रि में स्थानीय दाता नवयुवक मंडल की ओर से 'एक शाम मां अम्बे व दाता साहेब के नामÓ भजन संध्या का अयोजन किया गया। जिसमें बालोतरा के ख्यातनाम लोकगायिका अंजली कलावंत एवं बालोतरा से आए दिलशाद मनचला एण्ड पार्टी के कलाकारों ने रात भर चले कार्यक्रम में भजनों की शानदार प्रस्तुतियां देकर माताराणी की आराधना की। वहीं इस मौके पर नौ दिन चले नवरात्र के दौरान किए गए गरबा-डांडिया रास में नृत्य के विजेता बालक-बालिकाओं एवं महिलाओं को पुरस्कृत भी किया गया।
दाता नवयुवकमंडल के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक शिम्बुभाई प्रजापत ने बताया कि मातारानी की आराधना में आयोजित भजन संध्या के प्रारंभ में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेश जाखड़ सहित अन्य अतिथियों ने माताराणी की पूजा-अर्चना का भजन संध्या का शुभारंभ किया। इसके बाद भजन संध्या की विधिवत शुरुआत करते हुए गायक कलाकार अंजली कलावंत ने गुरू वंदना एवं गणपति वंदना के रुप में 'आवणो पड़ेला सतगुरू आवणो पड़ेला, आज रे जागण में ओ थाने आवणो पड़ेला...Ó भजन प्रस्तुत किया। इसके बाद उन्होंने कई अन्य भजन प्रस्तुत कर देवी-देवताओं की आराधना की। वहीं माता रानी की आराधना में भजन 'चौसठ जोगणी ऐ देवी रे मंदिरिए रम जाय..., माताजी रो रुप सुहाणो लागे रे..., देवी रो अगवाणी रे भैरुजी घुंघरिया घमकावै...Ó प्रस्तुत कर श्रोताओं को माता की श्रद्घा से सराबोर कर दिया। वहीं गायक दिलशाद मनचला ने भी अपनी बुलंद आवाज और नृत्य कलाकारों के ठुमकों के साथ 'पीळी लूगड़ी लाम्बो घूंघट काढ़ लेवा दे, रे म्हानें माताजी का मेळा माई जाय लेवा दे रे...., कुणजी लाया तुंबड़ा नै कुणजी नागरबेल, कुणजी लाया रे संता री अमरबेल..., संता वाळी टोगड़ी...Ó व 'गुरु बिना घोर अंधेरा रे संतों.....Ó जैसे भजन प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं भजन संध्या में कई महिला व पुरुष नृत्य कलाकारों के साथ ही उनके द्वारा सजाई गई माताराणी अवतार व राक्षस संहार के साथ ही भगवान शंकर, कृष्ण-सुदामा, भैरुजी, गजानंद एवं वीर हनुमान-बालाजी की आकर्षक झांकियों ने भी खूब समा बांधा और दर्शकों को देर रात तक अपने संग झूमने पर मजबूर किया। इस दौरान बतौर अतिथि ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेश जाखड़, रजलानी सरपंच पारस गुर्जर, एएसआई चुन्नीलाल, ओम जीनगर, अजय देवड़ा समेत कई गणमान्य लोग एवं सैकड़ों श्रद्धालु नर-नारी मौजूद रहे और इन्होंने अलसुबह करीब चार बजे की आरती तक चली भजन संध्या में रात भर बही भक्ति सरिता में जमकर श्रद्धा के गोते लगाते हुए भजन संध्या का आनंद लिया। (निसं)