
जोधपुर. उदयपुर में सर्किट बैंच की स्थापना के लिए राज्य सरकार की ओर से कथित तौर पर समिति के गठन के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन गुरुवार को 31वें दिन जारी है। वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से भेंट कर सकता है। गुरुवार को जुलूस के बाद धरनास्थल पर हुई आम सभा मे अधिवक्ताओं ने बताया कि शुक्रवार सुबह वकीलों के प्रतिनिधियों को सीएम से मिलने के लिए बुलाया गया है। इसके बाद वकील प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने के लिए बहस करने लगे। अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल 22 जून को सम्भवतया सुबह दस बजे मुख्यमंत्री से भेंट कर सकता है। यह सूचना एडवोकेट्स एससोसिएशन के अध्यक्ष रंजीत जोशी ने गुरुवार को धरनास्थल पर अधिवक्ताओं की आम सभा के समापन पर कहीं। उदयपुर में हाइकोर्ट की सर्किट बेंच की स्थापना के लिए राज्य सरकार की ओर से गठित समिति के विरोध में जोधपुर के वकीलों ने 31वें दिन भी स्वेच्छिक बहिष्कार जारी रखा। सुबह साढ़े नौ बजे हाइकोर्ट परिसर से नईसड़क तक सर्व समाज के प्रतिनिधियों के साथ रैली निकाली और बाद में धरनास्थल पर आम सभा की।
मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व वकीलों ने शक्ति प्रदर्शन दिखाना शुरू किया। हाईकोर्ट परिसर में धरनास्थल पर संघर्ष समिति ने प्रस्ताव पारित कर गुरुवार सुबह साढ़े नौ बजे हाईकोर्ट परिसर से नई सड़क तक आमजन महारैली निकाली। इसमें आमजन से सहयोग की अपील की। बुधवार को अधिवक्ताओं ने प्रस्ताव पारित कर बताया कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान अधिवक्ताओं को वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया, तो शुक्रवार को छत्तीस कौम के प्रतिनिधियों सहित व्यापारिक, सामाजिक, राजनीतिक और परिवहन संस्थाओं के सहयोग से जोधपुर बंद का निर्णय किया जा सकता है।हाईकोर्ट एडवोकट्स एसोसिएशन अध्यक्ष रणजीत जोशी, लायर्स एसोसिएशन अध्यक्ष कुलदीप माथुर के अलावा अन्य पदाधिकारियों व अधिवक्ताओं ने मांगों को लेकर नारे लगाए। वकीलों के साथ ही स्टॉम्प वेंडर्स, कम्प्यूटर ऑपरेटर्स, फोटो कॉपियर्स व नोटरी पाब्लिक ने भी कार्य बहिष्कार जारी रखा।