
भोपालगढ़ (जोधपुर). लम्बे समय से की जा रही विद्यार्थियों की मांग एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के अथक प्रयासों के बाद भोपालगढ़ कस्बे के श्री परसराम मदेरणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में खुले बीएड कॉलेज पर चार साल बाद ही बंद होने की नौबत आ गई है।
इसके तहत यहां चल रहे बीएड संकाय विभाग को लेकर केंद्र सरकार के एनसीटीई (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) की एनआरसी कमेटी ने एनसीटीई एक्ट-1993 के तहत महाविद्यालय में आवश्यक संसाधनों एवं फैकल्टी की कमी का हवाला देते हुए बीएड संकाय को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। जिसके चलते अब महाविद्यालय में अगले शिक्षा सत्र से बीएड के लिए छात्रों का आवंटन नहीं किया जाएगा। वहीं इस कॉलेज में प्रथम वर्ष का प्रशिक्षण ले रहे छात्रों के भविष्य पर भी संकट के बादल छा गए हैं और उन्हें अगले सत्र से अन्यत्र स्थानांतरित किया जा सकता है।
गौरतलब है कि भोपालगढ़ कस्बे के श्री परसराम मदेरणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राजकीय बीएड कॉलेज सत्र 2015-16 से 100 सीटों के साथ शुरू हुआ था। मुख्यत: व्याख्याताओं एवं अन्य भौतिक संसाधनों की कमी के चलते एनसीटीई ने गत 12 सितम्बर को भोपालगढ़ कॉलेज को सेक्शन-17 के तहत शो कॉज नोटिस जारी कर 30 दिनों के भीतर इसका जवाब मांगा था। लेकिन उसका जवाब तय समय के बाद दिया।
इस पर वर्ष 2015 में राजस्थान हाइकोर्ट में दायर याचिका के अंतर्गत दिए नोटिस में एनसीटीई ने यह कह दिया था, कि जब महाविद्यालय में पर्याप्त संसाधन ही नहीं है, तो क्यों नहीं इस बीएड कॉलेज को बंद कर दिया जाए। एनसीटीई की ओर से दिए इस नोटिस के बाद विद्यार्थियों ने कई दिनों तक आंदोलन भी किया था और जनप्रतिनिधियों ने भी महाविद्यालय में संचालित बीएड संकाय को बंद नहीं होने देने का आश्वासन दिया था।
बावजूद इसके महाविद्यालय की ओर से पुरजोर तरीके से पैरवी नहीं किए जाने एवं समय पर यथोचित जवाब पेश नहीं किए जाने के बाद अब एनसीटीई की ओर से गठित एनआरएस कमेटी ने गत १५ अक्टूबर को हुई बैठक में भोपालगढ़ बीएड कॉलेज को बंद करने का निर्णय जारी कर दिया। जिसमें यह साफ किया है कि अब अगले शिक्षा सत्र से भोपालगढ़ कॉलेज में बीएड छात्रों का आवंटन नहीं किया जाएगा।
करेंगें आंदोलन, जाएंगे कोर्ट
भोपालगढ़ बीएड कॉलेज में राजस्थान भर के विद्यार्थी पढ़ते है। ऐसे में यहां बीएड संकाय को बचाने के लिए हम आखिरी पल तक संघर्ष करते रहेंगे। जरूरत पडऩे पर न्यायालय की भी शरण लेंगे।
- लीला चौधरी, अध्यक्ष छात्रसंघ, एसपीएम कॉलेज भोपालगढ़
हमने पूरे प्रयास किए
बीएड कॉलेज को बचाने के लिए हमने कॉलेज स्तर पर पूरे प्रयास किए, लेकिन समय कम मिलने एवं सभी आवश्यकताएं पूरी नहीं कर पाने के चलते एनसीटीई ने अपना निर्णय जारी किया है। बावजूद इसके हम इसे रोकने के लिए फिर से प्रयास करेंगें।
- डॉ. मनीषा चौहान, प्राचार्य, एसपीएम कॉलेज, भोपालगढ़