जोधपुर ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन सोनी का कहना है कि भारत-पाक तनाव के दौरान तुर्कीए ने पाकिस्तान का सहयोग किया। तुर्कीए ने अपने ड्रोन पाकिस्तान को दिए थे।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान की मदद करने वाले देश तुर्किए को अब राजस्थान के जोधपुर शहर से भी बड़ा झटका लगा है। दरअसल जोधपुर शहर में भी तुर्कीए के बायकॉट का अभियान शुरू हो चुका है।
जोधपुर ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन सोनी का कहना है कि भारत-पाक तनाव के दौरान तुर्कीए ने पाकिस्तान का सहयोग किया। तुर्कीए ने अपने ड्रोन पाकिस्तान को दिए थे। ऐसे में अब तुर्कीए का बायकॉट करने का वक्त आ चुका है। उन्होंने कहा कि अब तुर्कीए से आने वाले किसी भी प्रकार के आभूषणों को जोधपुर के ज्वेलर्स नहीं खरीदेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि जब तक तुर्कीए पाकिस्तान का सहयोग करता रहेगा तब तक ना तो उसके साथ व्यापार होगा और ना ही जोधपुर का कोई व्यापारी उस देश जाएगा। उन्होंने 25 जुलाई को होने वाली इंडिया इंटरनेशनल ज्वैलरी एग्जीबिशन के आयोजकों से भी तुर्कीए के व्यापारियों को स्टॉल नहीं देने की अपील की है।
यह वीडियो भी देखें
इससे पहले उदयपुर की मार्बल मंडी ने तुर्किए से व्यापारिक संबंध तोड़ लिए हैं। एशिया की सबसे बड़ी मार्बल मंडी उदयपुर के व्यापारी अब तुर्किए से कोई मार्बल आयात नहीं करेंगे। तुर्किए से भारत करीब 14 लाख टन मार्बल आयात करता है। इनमें से अकेले उदयपुर का करीब पांच हजार करोड़ का व्यापार सालाना है।
उदयपुर मार्बल प्रोसेसर्स समिति ने समस्त मार्बल व्यापारियों से तुर्किए का माल नहीं खरीदने की अपील की। उदयपुर मार्बल प्रोसेसर्स समिति ने इस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र प्रेषित कर तुर्किए के खिलाफ लिए फैसले के बारे में बताया।