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Jodhpur: दिग्गज नेता नाथूराम मिर्धा के बेटे भानुप्रकाश का निधन, शुक्रवार को जोधपुर में होगा अंतिम संस्कार

नागौर से पूर्व सांसद भानुप्रकाश मिर्धा का गुरुवार को जोधपुर में निधन हो गया। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
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जोधपुर

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Rakesh Mishra

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Updated: 1 Jan 2026, 8:01 PM IST

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पूर्व सांसद भानुप्रकाश मिर्धा। फाइल फोटो- पत्रिका

जोधपुर। नागौर से पूर्व सांसद भानुप्रकाश मिर्धा का गुरुवार को जोधपुर आवास पर निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से बीमार थे। मिर्धा 11वीं लोकसभा में अपने पिता नाथूराम मिर्धा के देहांत के बाद उपचुनाव में पहली बार भाजपा के टिकट पर सांसद बने थे।

उनका कार्यकाल 1997-98 तक रहा। उनका अंतिम संस्कार जोधपुर में चौपासनी रोड मिर्धा फार्म हाउस पर शुक्रवार दोपहर एक बजे किया जाएगा। उनके पुत्र मनीष मिर्धा ने बताया कि उनके फार्म हाउस पर सुबह 11 बजे से अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव देह को रखा जाएगा।

रामनिवास मिर्धा को हराया

नाथूराम मिर्धा के निधन के बाद 1997 में नागौर लोकसभा सीट पर उपचुनाव हुए। कांग्रेस ने रामनिवास मिर्धा को मैदान में उतारा। उनके विरुद्ध नाथूराम के पुत्र भानुप्रकाश ने भाजपा के टिकट पर मैदान में ताल ठोकी। इस चुनाव में उन्होंने रामनिवास मिर्धा को हराया। इस मुकाबले में भानुप्रकाश मिर्धा की जीत ने नागौर में भाजपा की राजनीतिक जमीन मजबूत की।

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नागौर के रहने वाले

गौरतलब है कि वे मूल रूप से नागौर के रहने वाले थे और लंबे समय तक किसान व ग्रामीण हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय राजनीति में रहे। हालांकि बाद में वे सक्रिय राजनीति से थोड़ा दूर हो गए थे। 27 मार्च 1953 को जन्मे भानुप्रकाश मिर्धा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज से स्नातक शिक्षा प्राप्त की। उनका जीवन सादगीपूर्ण रहा और खेती-किसानी से उनका गहरा जुड़ाव था। संसद सदस्य रहते हुए उन्होंने किसानों, पिछड़े वर्गों और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।