
जोधपुर. शहर की प्रमुख सडक़ों और मोड़ पर दुपहिया या चार पहिया वाहनों को मोड़ रहे हैं तो जरा संभलकर। यहां प्रशासन की लापरवाही की मिट्टी-कंकर बिखरे पड़े हैं। जो कि प्रतिदिन कई वाहन चालकों को हादसे का शिकार बना रहे हैं। खास बात यह है कि इन सडक़ों पर बारिश बाद की सफाई के लिए निगम में स्पेशल टीम भी बनी हुई है। लेकिन फिर भी हालात खराब है।
शहर में करीब एक सप्ताह पहले शाम के समय आई तेज बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया था। इससे सडक़ों पर कई फीट तक पानी बहा। इसी तेज बहाव के साथ आस-पास की मिट्टी बहकर सडक़ के बीच और चौराहों पर बिखर गई। नगर निगम और प्रशासन की ओर से इस अव्यवस्था से बचने के लिए स्पेशल टीम भी बनी हुई है। लेकिन इस टीम ने अब तक और बारिश की आस में इस कार्रवाई की शुरुआत नहीं है। एेसे में हालात यह है कि जहां मिट्टी बिखरी हुई है वहां दुपहिया वाहन चालकों के फिसलने से हालात खराब हो रहे हैं।
यहां हालात है खराब
- खतरनाक पुलिया से रेलवे स्टेडियम के बीच सडक़
- मुख्य नई सडक़ चौराहा
- किशोर बाग
- लालसागर रोड
- मंडोर- बालसमंद रोड
- पावटा मानजी का हत्था
- न्यू नागौर रोड
- एमजीएच अस्पताल रोड
क्या कहते हैं लोग
सडक़ों की स्थिति खराब है। बारिश के बाद कोई सुध लेने वाला नहीं। वाहन चालक हादसों का शिकार होते हैं।
- महेश शर्मा
सडक़ पर पड़ी मिट्टी और पत्थरों से दुपहिया वाहन चालकों के हादसों का खतरा बना रहता है। बारिश के बाद सडक़ों की सफाई की व्यवस्था होनी चाहिए।
- गौतम नाहर
इनका कहना...
बारिश बाद सडक़ों से मिट्टी व अन्य गंदगी हटाने के लिए पहले अगल से टैंडर लगाते थे। इस बार चालू टैंडर में ही इसका प्रावधान किया है। स्पेशल टीम भी इसके लिए बनी हुई है, जो मुख्य सडक़ों पर सफाई करती है।
- डॉ. सचिन मौर्य, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम, जोधपुर।