जोधपुर

हिन्दी दिवस पर आईदानसिंह भाटी और किशन दाधीच को मिलेगा पुरस्कार

जोधप़ुर.हिन्दी दिवस ( Hindi day ) पर हिन्दी साहित्य संसद चूरू ( Hindi Sahitya sansad churu ) की ओर से राजस्थानी के विख्यात साहित्यकार जोधपुर के डॉ.आईदानसिंह भाटी ( aidan singh bhati ) को रामादेवी भागीरथप्रसाद मर्दा स्मृति राजस्थानी भाषा पुरस्कार ( Ramadevi Bhagirathprasad Marda Smriti Rajasthani Language Award ) से नवाजा जाएगा। जबकि जनकवि प्रदीप शर्मा साहित्य पुरस्कार ( Janakavi Pradeep Sharma Sahitya Puraskar ) हिन्दी के प्रख्यात कवि ,गीतकार और समालोचक उदयपुर के किशन दाधीच ( poet kishan dadhich udaipur ) को प्रदान किया जाएगा।        
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Sep 04, 2019
Aidan Singh Bhati and Kishan Dadhich will get awards on Hindi Day
Aidan Singh Bhati and Kishan Dadhich will get awards on Hindi Day

जोधपुर.हिन्दी दिवस ( Hindi day ) पर हिन्दी साहित्य संसद चूरू ( Hindi Sahitya sansad churu ) की ओर से जनकवि प्रदीप शर्मा साहित्य पुरस्कार ( Janakavi Pradeep Sharma Sahitya Puraskar ) हिन्दी के प्रख्यात कवि ,गीतकार और समालोचक उदयपुर के किशन दाधीच ( poet kishan dadhich udaipur ) को प्रदान किया जाएगा। जबकि रामादेवी भागीरथप्रसाद मर्दा स्मृति राजस्थानी भाषा पुरस्कार ( Ramadevi Bhagirathprasad Marda Smriti Rajasthani Language Award ) राजस्थानी के विख्यात साहित्यकार जोधपुर के डॉ.आईदानसिंह भाटी ( aidan singh bhati ) को प्रदत्त किया जाएगा।

चूरू में समारोह 14 सितंबर को

संस्था अध्यक्ष बनवारी खामोश चूरवी के अनुसार संस्था की ओर से उन्हें ये पुरस्कार हिन्दी दिवस पर चूरू में 14 सितंबर को आयोज्य समारोह में प्रदान किए जाएंगे। उन्हें पुरस्कार स्वरूप 11 हजार रुपए नकद राशि, पदक, सम्मान पत्र, स्मृति चिह्न और शॉल अर्पित किए जाएंगे।

गीत परंपरा के प्रमुख कवि किशन दाधीच
कई पुरस्कारों से सम्मानित और पिछले पचास वर्षों से सृजनरत हिन्दी गीत परंपरा के लोकप्रिय कवि किशन दाधीच सामाजिक सरोकारों की कविताएं लिखते हैं। लोग उन्हें रंगकर्म, स्तंभ लेखन, टिप्पणियां, साहित्य विमर्श, संवाद और गोष्ठियों के हवाले से भी जानते हैं। वे राजस्थान साहित्य अकादमी की पत्रिका मधुमती के गीत विशेषांक के संपादक भी रहे।

राजस्थानी के कवि डॉ.आईदानसिंह भाटी
जोधपुर निवासी राजस्थानी के प्रतिष्ठित कवि डॉ.आईदानसिंह भाटी अपनी प्रभावी और सरस कविताओं के कारण बहुत लोकप्रिय हैं। उन्होंने महात्मा गांधी की आत्मकथा और टैगोर की कविताओं का राजस्थानी में अनुवाद किया है। उन्हें राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी उदयपुर और साहित्य अकादमी नई दिल्ली सहित कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।

Published on:
04 Sept 2019 05:00 am