जोधपुर

एम्स जोधपुर में दुर्लभ सर्जरी सफल, 20 वर्षीय युवती के पेट से निकला 62 सेंटीमीटर लंबा बालों गुच्छा

AIIMS Jodhpur: एम्स जोधपुर में ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां 20 वर्षीय युवती के पेट से 62 सेंटीमीटर लंबा बालों का गुच्छा निकालना पड़ा।
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Jun 26, 2026
AIIMS Jodhpur
युवती के पेट से निकला बालों का गुच्छा। फोटो पत्रिका नेटवर्क

जोधपुर। कल्पना कीजिए, सिर की एक पूरी चोटी जितने लंबे बाल अगर किसी के पेट में जमा हो जाए तो क्या होगा? एम्स जोधपुर में ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां 20 वर्षीय युवती के पेट से 62 सेंटीमीटर लंबा बालों का गुच्छा निकालना पड़ा। यह चोटीनुमा गुच्छा छोटी आंत के प्रारंभिक भाग (प्रॉक्सिमल जेजुनम) तक फैला हुआ था, जिससे मरीज को लंबे समय से पेट दर्द, भूख में कमी और वजन घटने जैसी समस्याएं हो रही थी।

बाल चबाकर निगलने की आदत ने उसे एक ऐसी दुर्लभ बीमारी का शिकार बना दिया, जिसके दुनिया भर में केवल कुछ सौ मामले ही दर्ज है। युवती की हालत में सुधार है। मरीज का ऑपरेशन एम्स जोधपुर के सर्जरी विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. महेंद्र लोढ़ा सहित डॉ. भारत (एनेस्थेटिस्ट), डॉ. तेजपाल, डॉ. वैशाली, डॉ. गदाधर, डॉ. प्रशांत, डॉ. निशांत, डॉ. साहिल जैन तथा डॉ. ध्रुव रोहेला, गजानंद और कोमल (नर्सिंग ऑफिसर) की टीम ने किया।

दुर्लभ बीमारी है ट्राइकोबेजोअर

युवती को ट्राइकोबेजोअर बीमारी थी, जिसमें निगले गए बाल पेट में जमा होते रहते हैं। बालों का गुच्छा जब छोटी आंत तक फैल जाता है, तो इस स्थिति को रैपुंजेल सिंड्रोम (रापुंझेल सिंड्रोम) कहते हैं। ऐसे अधिकांश मामलों का संबंध ट्राइकोटिलोमेनिया (त्रिचोटिलोमानिया) नामक मनोवैज्ञानिक विकार से होता है। इस विकार में व्यक्ति बार-बार अपने बाल खींचने की अनियंत्रित आदत से ग्रस्त होता है।

कुछ मरीजों में इसके साथ ट्राइकोफेजिया (त्रिकोफाजिया) अर्थात बालों को चबाने या निगलने की प्रवृत्ति भी विकसित हो जाती है, जिसके परिणामस्वरूप पेट में बालों का गुच्छा बन सकता है। ट्राइकोटिलोमेनिया जनसंख्या में लगभग 1-2 प्रतिशत तक मानी जाती है, जबकि बाल निगलने की आदत अपेक्षाकृत बहुत कम लोगों में पाई जाती है।

पेट में कैसे बन गई पूरी 'चोटी'

-युवती को बाल चबाकर निगलने की आदत थी।
-बाल पचते नहीं, इसलिए पेट में जमा होते गए।

-धीरे-धीरे ये एक ठोस गुच्छे में बदल गए।
-गुच्छा इतना बड़ा हो गया कि पेट से निकलकर छोटी आंत तक पहुंच गया।

-ऑपरेशन में निकला गुच्छा 62 सेंटीमीटर यानी एक सामान्य युवती की चोटी जितना लंबा था।

ये संकेत दिखें तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं

-लगातार पेट दर्द।
-बिना वजह वजन घटना।
-भूख कम लगना।
-बार-बार उल्टी आना।
-पेट में गांठ या भारीपन महसूस होना।

अगर इलाज में देरी हो जाए तो

-आंतों में रुकावट।
-अल्सर और रक्तस्राव।
-कुपोषण।
-आंत फटने जैसी जानलेवा स्थिति।

Published on:
26 Jun 2026 07:40 pm