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जोधपुर प्रसूता संक्रमण मामला: 3 महिला डॉक्टरों ने किया ऑपरेशन, 1 का पति एम्स में; अब उन्हीं के HOD को सौंप दी जांच

Jodhpur News: जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद आठ प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले में जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। एक महिला चिकित्सक के पति एम्स के एनेस्थीसिया विभाग में डॉक्टर हैं, जबकि मरीजों का इलाज और जांच समिति दोनों उसी विभाग से जुड़े हैं।
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जोधपुर

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Arvind Rao

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गजेंद्र सिंह दहिया

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Jun 25, 2026

Jodhpur Postpartum Infection Case

जोधपुर प्रसूता संक्रमण मामला (फोटो पत्रिका नेटवर्क)

Jodhpur Postpartum Infection Case: जोधपुर: पावटा जिला अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद आठ प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले में हितों के संभावित टकराव (कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट) का सवाल सामने आया है। बता दें कि जिन तीन स्त्री रोग विशेषज्ञों ने 20 जून को ऑपरेशन किए थे, उनमें से एक चिकित्सक के पति एम्स जोधपुर के एनेस्थीसिया विभाग में चिकित्सक हैं।

गंभीर स्थिति में एम्स रेफर की गई दो प्रसूताओं ललिता और सोनू का उपचार भी उसी विभाग की जिम्मेदारी में हो रहा है। साथ ही डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के अनुरोध पर एम्स जोधपुर की ओर से गठित जांच समिति की कमान भी एनेस्थीसिया विभाग के ही विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप भाटिया के हाथ में है।

निष्पक्षता और पारदर्शिता पर उठे सवाल

ऐसे में उपचार और जांच, दोनों स्तर पर एक ही विभाग की प्रमुख भूमिका को लेकर निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि 20 जून को पावटा जिला अस्पताल में हुए सिजेरियन प्रसव के बाद आठ प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ गई थी।

इनमें से दो महिलाओं की हालत गंभीर होने पर उन्हें पहले एमडीएम अस्पताल और बाद में एम्स जोधपुर रेफर किया गया। दोनों फिलहाल एम्स के एडल्ट आईसीयू में भर्ती हैं, जिसका संचालन एनेस्थीसिया विभाग करता है। दोनों प्रसूताओं की हालत में सुधार है। बाकी छह प्रसूताओं का उपचार पावटा अस्पताल में जारी है।

अंतिम जांच का इंतजार

मामले की जांच के तहत मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने ऑपरेशन थिएटर से नमूने लेकर कल्चर जांच करवाई है। प्रारंभिक रिपोर्ट में ओटी में संक्रमण के संकेत नहीं मिले हैं। अब 96 घंटे वाली अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।

ऑपरेशन प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों का संकलन

दूसरी ओर, एम्स की जांच समिति ने मंगलवार कोपावटा जिला अस्पताल का निरीक्षण कर डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और मरीजों से बातचीत की तथा ऑपरेशन प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों का संकलन किया।

क्या बोले पीआरओ

हमने पूरी निष्पक्षता के साथ विभिन्न विशेषज्ञों को शामिल कर समिति गठित की है। मामले में कई स्तरों पर जांच चल रही है और एम्स की जांच भी उसी प्रक्रिया का एक हिस्सा है।
-डॉ. गोपाल बोहरा, पीआरओ, एम्स जोधपुर