जोधपुर

एम्स जोधपुर में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, डायरेक्टर डॉ. जीडी पुरी हटाए गए

एम्स जोधपुर में रेजिडेंट डॉक्टरों की कई दिन से चल रही हड़ताल खत्म हो गई है। डायरेक्टर डॉ. जीडी पुरी को पद से हटाकर दिल्ली बुलाया गया है, जबकि एम्स जम्मू के डायरेक्टर डॉ. संजीव सिन्हा को जोधपुर एम्स की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नए प्रशासनिक बदलाव के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने आंदोलन समाप्त कर दिया।
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Sep 27, 2026
AIIMS Jodhpur director GD Puri
AIIMS Jodhpur: एम्स जोधपुर के डायरेक्टर डॉ. गोवर्धन दत्त पुरी (फोटो-पत्रिका)

जोधपुर। एम्स जोधपुर में रेजिडेंट डॉक्टरों की कई दिन से चल रही हड़ताल खत्म हो गई है। रेजिडेंट डॉक्टर राजनरेश यादव की मौत के बाद शुरू हुए विरोध के बीच बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। एम्स जोधपुर के डायरेक्टर डॉ. गोवर्धन दत्त पुरी को पद से हटाकर दिल्ली तलब किया गया है। वहीं एम्स जम्मू के डायरेक्टर डॉ. संजीव सिन्हा को जोधपुर एम्स का चार्ज सौंपा गया है। डायरेक्टर बदलने के फैसले के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।

डॉ. संजीव सिन्हा संभालेंगे एम्स जोधपुर की जिम्मेदारी

एम्स जोधपुर में अब प्रशासन की जिम्मेदारी डॉ. संजीव सिन्हा संभालेंगे। वह फिलहाल एम्स जम्मू के डायरेक्टर हैं और उन्हें जोधपुर एम्स का चार्ज दिया गया है। दूसरी ओर डॉ. गोवर्धन दत्त पुरी को डायरेक्टर पद से हटाकर दिल्ली बुलाया गया है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब संस्थान में रेजिडेंट डॉक्टरों के विरोध के चलते कामकाज प्रभावित था। नए प्रशासनिक बदलाव के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया है।

तीसरे दिन भी जारी रहा था डॉक्टरों का धरना

हड़ताल के तीसरे दिन रेजिडेंट डॉक्टर ओपीडी पहुंचे थे, लेकिन मरीजों को देखने के बजाय अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए थे। इसी दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी डॉक्टरों के बीच पहुंचे और उनकी बातें सुनी थीं। उन्होंने रेजिडेंट डॉक्टरों से हड़ताल खत्म करने की अपील की थी। इसके बाद उन्होंने एम्स अधिकारियों के साथ अलग से बैठक की और फिर डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल से भी बातचीत की थी।

बातचीत के बाद बनी सहमति

मंत्री शेखावत और एम्स प्रशासन के साथ बातचीत के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को लेकर चर्चा की थी। हालांकि उस समय किसी समाधान पर सहमति नहीं बन पाई थी। इसके बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने आपस में बैठक की और आंदोलन जारी रखने का फैसला किया था। इससे पहले डॉक्टरों ने एम्स डायरेक्टर के बंगले के बाहर भी धरना दिया था। वे रातभर वहां मौजूद रहे और डायरेक्टर के इस्तीफे की मांग उठाई थी। लेकिन रविवार को हुई चर्चा में आपसी सहमति बनी, जिसमें एम्स जोधपुर के डायरेक्टर को हटाकर एम्स जम्मू के डायरेक्टर को जिम्मेदारी सौंपी गई। इसको लेकर भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक लेटर भी जारी किया गया है।

राजनरेश यादव की मौत से शुरू हुआ था पूरा विवाद

एम्स में एनेस्थीसिया विभाग में ड्यूटी करने वाले 29 वर्षीय रेजिडेंट डॉक्टर राजनरेश यादव की मंगलवार को मौत हो गई थी। उन्हें रेस्ट रूम के बाथरूम में अचेत हालत में पाया गया था। शुरुआती जानकारी में इंजेक्शन के ओवरडोज की आशंका जताई गई थी, लेकिन मौत की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होने की बात कही गई थी। राजनरेश ने एम्स जोधपुर से ही MBBS किया था और यहीं से PG कर रहे थे। उनके बड़े भाई दिल्ली एम्स में डॉक्टर हैं।

मौत की जांच के लिए बनाई गई थी कमेटी

घटना के बाद एम्स प्रशासन ने राजनरेश की मौत के कारणों और परिस्थितियों की जांच के लिए विशेष समिति बनाई थी। डॉ. सूरजित घटक की अध्यक्षता वाली इस समिति में अलग-अलग विभागों के विभागाध्यक्ष और वित्तीय सलाहकार शामिल किए गए थे। समिति ने रेजिडेंट डॉक्टरों से बातचीत कर उनकी ओर से उठाए गए मुद्दों पर भी विचार किया। डॉक्टरों ने इस पूरे मामले में प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की थी।

36 घंटे की ड्यूटी को लेकर भी उठाए सवाल

प्रदर्शन के दौरान रेजिडेंट डॉक्टरों ने काम के दबाव का मुद्दा भी उठाया था। उनका कहना था कि डॉक्टरों से 36-36 घंटे तक ड्यूटी कराई जा रही है। उन्होंने मृतक डॉक्टर के परिवार को आर्थिक मदद देने, प्रशासन की ओर से सार्वजनिक माफी मांगने और रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन बनाने की मांग रखी थी। डॉक्टरों के मुताबिक एसोसिएशन बनाने की मांग मान ली गई थी, जबकि अन्य मांगों पर सहमति नहीं बनी थी। अब हड़ताल खत्म होने के साथ आंदोलन समाप्त हो गया है।

Updated on:
27 Sept 2026 04:15 pm
Published on:
27 Sept 2026 04:15 pm