जोधपुर

आबूरोड में सिकल एनिमिया, तपेदिक व सिलिकोसिस बीमारियों पर अनुसंधान करेगा एम्स

jodhpur250 मरीज हो चुके हैं टेलिमेडिसिन सेवाओं से लाभान्वित
less than 1 minute read
Aug 14, 2021
Feature image


जोधपुर. जनजातीय स्वास्थ्य का उत्कृष्ट केंद्र आबूरोड ( सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फ ॉर ट्राइबल हेल्थ ) व अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान जोधपुर ने जनजातीय लोगों के स्वास्थ्य और स्वास्थ्य संबंधी रिसर्च के लिए गत दिनों पूर्व ही एमओयू किया था। एम्स अब यहां सिकल एनिमिया, तपेदिक और सिलिकोसिस बीमारियों पर दीर्घकालीन तक रिसर्च भी करेगा। एम्स एकेडमिक डीन डॉ. कुलदीपसिंह ने बताया कि एम्स की टीम वहां विभिन्न गंभीर रोगों से ग्रसित व हैल्थ जागरूकता के लिहाज से टेलिमेडिसिन के जरिए अब तक 250 मरीज देख चुकी हैं। ये प्रोगाम हालांकि एम्स ने मार्च में शुरू कर दिया था। कुछ दिन पूर्व एम्स ने संक्षिप्त कार्यक्रम में मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग यानी एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे। एमओयू एम्स ने जनजतीय क्षेत्र विकास विभाग राजस्थान सरकार एवं माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान उदयपुर के बीच किया गया।

आबूरोड में जाकर देख रहे मरीज

20 दिन में एम्स के डॉक्टर्स की टीम यहां विजिट कर ऑन स्पॉट मरीजों को देखती है। यहां टेलीमेडिसिन विशेषज्ञता सामान्य चिकित्सा, बाल रोग, प्रसूति एवं स्त्री रोग, शल्य चिकित्सा, चर्म रोग आदि जैसे विभागों और एंडोक्रिनोलॉजी और मेटाबॉलिज्म, कार्डियोलॉजी, नेफ ्रोलॉजी आदि जैसे सुपर-स्पेशियलिटी में साक्ष्य आधारित केयर की जा रही है।


जनजातीय स्वास्थ्य के लिए होगा जनोपयोगी केंद्र
आने वाले समय में यह केंद्र जनजातीय स्वास्थ्य एवं अनुसन्धान का एक जनोपयोगी केंद्र होगा। चिकित्सकों का कहना हैं कि जनजातीय लोगों में सिकल सेल एनीमिया, तपेदिक, सिलिकोसिस जैसी विशेष समस्याओं के लिए दीर्घकालिक अनुसंधान की आवश्यकता है। सामुदायिक अनुसंधान के माध्यम से जनजातीय सामुदायिक विकास के लिए एसटीएचआर उपयोगी मॉडल होगा।

Published on:
14 Aug 2021 10:46 pm