जोधपुर

वायु सेना दिवस : राफेल लड़ाकू विमान के साथ भारत-फ्रांस वायुसेना का जोधपुर में हुआ था युद्धाभ्यास

जोधपुर. आज भारतीय वायु सेना दिवस ( indian air force day ) और दशहरा ( Dussehra ) है। आज ही भारत को फ्रांस से लड़ाकू विमान राफेल ( Rafael Aircraft ) मिलने का दिन है। भारत और फ्रांस के बीच सामरिक सम्बंध अच्छे रहे हैं। इसका जोधपुर के साथ भी कनेक्शन है। जोधपुर वायुसेना स्टेशन ( Jodhpur Air Force Station ) पर ही जून 2014 में भारत फ्रांस वायु सेना संयुक्त युद्धाभ्यास ( The Indo-French Air Force joint maneuver ) गरुड़ 5 हुआ था।
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Oct 08, 2019
Air Force Day : Indo-French Air Force maneuvers in Jodhpur with Rafael
Air Force Day : Indo-French Air Force maneuvers in Jodhpur with Rafael

जोधपुर. आज भारतीय वायु सेना दिवस ( indian air force day ) और दशहरा ( Dussehra ) है। आज ही भारत को फ्रांस से लड़ाकू विमान राफेल ( Rafael Aircraft ) मिलने का दिन है। भारत और फ्रांस के बीच सामरिक सम्बंध अच्छे रहे हैं। इसका जोधपुर के साथ भी कनेक्शन है। जोधपुर वायुसेना स्टेशन ( Jodhpur Air Force Station ) पर ही जून 2014 में भारत फ्रांस वायु सेना संयुक्त युद्धाभ्यास ( The Indo-French Air Force joint maneuver ) गरुड़ 5 हुआ था। तब फ्रांस के चार राफेल लड़ाकू विमान पेरिस से सीधे जोधपुर वायु सेना स्टेशन पहुंचे थे। वायुसेना के दृष्टिकोण से यह एक खास और अहम लम्हा था। इस दौरान दोनों देशों के तत्कालीन वायुसेनाध्यक्ष भी जोधपुर आए थे। यह दीगर बात है कि वर्तमान राफेल में भारतीय जरूरत के हिसाब से 13 बड़े बदलाव किए गए हैं।

सीखे थे दुश्मन से मुकाबले के गुर

तब आकाश में उड़ते हुए राफेल विमानों ने विमानों में ईंधन भरा था और अपने-अपने कृत्रिम हवाई ठिकानों की रक्षा करने का तरीका सीखा था। साथ ही आकाशवीरों ने एयर वार गेम के माध्यम से खुद को हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहने के गुर सीखे थे। उस समय फ्रांस के आकाशवीरों ने सुखोई और भारत के आकाशवीरों ने राफेल विमान उड़ाए थे। यहां तत्कालीन वायुसेनाध्यक्ष ने खुद राफेल विमान उड़ा कर इसकी क्षमता और भारत के लिए अनुकूलता का परीक्षण किया था।

दिखाई थी युद्धक क्षमता
जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर हुए युद्धाभ्यास में भारत और फ्रांस के लड़ाकू विमानों और दोनों देशों के पायलटों और क्रू ने युद्धक क्षमता दिखाई थी। अभ्यास में फ्रांस के 100 आकाशवीरों ने मित्र देश भारत के आकाशवीरों के साथ युद्धकाल में वायु सेना की रक्षात्मक, प्रतिरक्षात्मक, आक्रात्मकता, कार्यकुशलता और सिद्धहस्तता का व्यावहारिक ज्ञान शेयर किया था। इस अभ्यास के दौरान दोनों देशों के वायु योद्धा बुनियादी और लड़ाकू विमानों को हवा में ही मार गिराने,कृत्रिम हवाई ठिकानों की अकेले व संयुक्त रूप से सुरक्षा करने के टिप्स सीखे थे।

बहुत महत्वपूर्ण युद्धाभ्यास

रक्षा विशेषज्ञों ने तब भी माना था कि यह भारतीय और फ्रांसीसी लड़ाकू रणनीति समझने की दिशा में बहुत महत्वपूर्ण युद्धाभ्यास है। दोनों देशों युद्धाभ्यास का उद्देश्य परस्पर अत्याधुनिक, अद्यतन व व्यावहारिक सैन्य जानकारी हासिल करना रहा था। उल्लेखनीय है कि भारत और फ्रांस इससे पहले चार संयुक्त युद्धाभ्यास कर चुके थे।

जोधपुर में वायु सैनिक ऑपरेशन की आजादी
फ्रांस के आकाशवीरों ने जोधपुर वायु सेना स्टेशन पर वायु सैनिक ऑपरेशन की आजादी अनुभूत की थी। क्यों कि वहां इतना खुला आकाश नहीं है, वहां फ्रांस में फ्लाइंग के लिए दस क्लियरेंंस लेना पड़ती है। फ्रांस वायु सेना का यह दल तब जोधपुर से कुछ दिनों पूर्व ओमान जा कर आया था। यह दल वहां अल डफर वायु सेना स्टेशन पर रुका था, ताकि जोधपुर एयरबेस पहुंचने से पहले गर्मी का एहसास कर सकें। अबू धाबी से लगभग 32 किलोमीटर दूर स्थित इस एयरबेस पर पारा 50 के आसपास था और जोधपुर में भी तब पारा 44.6 डिग्री था।

हेलमेट और कूल वेस्ट पहन कर आए थे

ध्यान रहे कि राफेल विमान बनाने वाली डिसॉल्ट कंपनी विमानों के पायलटों के लिए उपयोगी उपकरण व सामग्री भी बनाती है। ये आकाशवीर भी यही उपकरण पहन कर जोधपुर आए थे। राफेल डसाल्ट कंपनी ने पयलटों को गर्मी से बचाने के लिए खास तरह के हेलमेट और कूल वेस्ट पहनाए थे।

Updated on:
08 Oct 2019 07:09 pm
Published on:
08 Oct 2019 07:09 pm