
जोधपुर.
चोरी के मामले में न्यायिक अभिरक्षा में भेजे आरोपी की मदद करने के लिए बाड़मेर के रागेश्वरी गैस टर्मिनल (आरजीटी) थाने के प्रभारी महेंद्र कुमार सीरवी को १५ हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तारी के बाद सिणधरी थानाधिकारी बलदेव चौधरी भी संदेह के घेरे में है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो दोनों थानेदारों से आमने-सामने पूछताछ करेगा।
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपालसिंह लखावत ने बताया कि आरजीटी थानाधिकारी सीरवी को शनिवार को थाने में ही रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। उसे रविवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर एक दिन के रिमाण्ड पर लिया गया है। सीरवी व सिणधरी थानाधिकारी बलदेव चौधरी को आमने-सामने कराया जाएगा।
गोपनीय सत्यापन व सिणधरी थाने में दर्ज मामले में मदद की पेशकश पर सिणधरी थाना प्रभारी बलदेव चौधरी एसीबी की जांच के घेरे में आ गए। एएसपी लखावत का कहना है कि जांच के लिए एसीबी ने बलदेव से सम्पर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो पाई।
बतौर मध्यस्थ मदद का भरोसा
आरजीटी थाना पुलिस ने चोरी के मामले होड़ू में सारणों का तला निवासी दमाराम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सिणधरी थाने में दर्ज चोरी के एक अन्य मामले में भी उसकी भूमिका संदिग्ध है। चोरी व जमानत दिलाने में मदद, फुट व फिंगर प्रिंट को कोर्ट में पत्रावली के साथ न लगाने और सिणधरी थाने में दर्ज मामले में मदद करने के बदले आरजीटी थानाधिकारी ने तीस हजार रुपए मांगे थे। गोपनीय सत्यापन के दौरान १५ हजार रुपए ले लिए। उसने सिणधरी थाने में दर्ज मामले में आरोपी न बनाने का भरोसा दिलाया था। एसीबी उसकी भूमिका बतौर मध्यस्थ मान रही है।
सीरवी के नाडोल मकान में कुछ नहीं मिला
पाली जिले में एसीबी के एएसपी कैलाशदान जुगतावत ने थानेदार महेन्द्र कुमार सीरवी के नाडोल स्थित मकान की तलाशी ली, लेकिन वहां से कोई उल्लेखनीय सामग्री नहीं मिली।
----------------------------
इस प्रकरण से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। आरजीटी थानाधिकारी महेन्द्र से मेरी कोई बात नहीं हुई। चोरी के मामले की जांच हेड कांस्टेबल के पास है।
बलदेव चौधरी, थानाधिकारी पुलिस स्टेशन सिणधरी, बाड़मेर।