
जोधपुर।
सरकार ने मेडिकल डिवाइस व फार्मा से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए जोधपुर में मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। इसके लिए रीको ने आईआईटी जोधपुर के साथ एक एमओयू किया है। एमओयू के तहत आईआईटी तकनीकी सहयोग देगा। जयपुर में हुए कार्यक्रम में उद्योग मंत्री परसादीलाल मीणा व आईआईटी उच्चाधिकारियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। मेडिकल डिवाइस पार्क बोरानाडा औद्योगिक क्षेत्र में करीब २२३ एकड़ भूमि में विकसित किया जाएगा। इसके पहले चरण में ७३ प्लॉट्स पर इस उद्योग से संबंधित इकाइयां लग सकेंगी। करीब १५ एकड़ भूमि में कॉमन फैसिलिटी सेंटर विकसित किया जाएगा।
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स्थानीय मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा
मेडिकल डिवाइस पार्क में विभिन्न बीमारियों के उपचार में काम आने वाले मेडिकल डिवाइस व उपकरण बनाने की कई कंपनियां आएंगी व सैंकड़ों इकाइयां लगेगी। साथ ही, स्थानीय स्तर पर मेडिकल डिवाइस बनाने वाले उद्यमियों को अपने उद्यम के विस्तार का मौका मिलेगा।
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ये सुविधाएं होगी
कॉमन फैसिलिटी सेंटर में मेडिकल डिवाइस पार्क में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) बनेगा। यहां स्टरलाइज्ड प्रोडक्ट की जांच के लिए उच्च गुणवत्ता वाली लेब होगी।
- इथीलीन ऑक्साइड (इटीओ ) गैस से स्टरलाजेशन की सुविधा ।
- स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं व जटिल बीमारियों के रिसर्च के लिए अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर की सुविधा ।
- सीएफसी में एेसे प्रोजेक्ट स्थापित किया जाएंगे, जिसमें नए उत्पादों की लागत मूल्य में 40-50 प्रतिशत कमी आएगी।
- कोरोना या अन्य किसी भी वायरस से हैल्थ वर्कर, शल्य चिकित्सक को एरोसोल अर्थात बैक्टीरीया से बचाने के लिए नए उपकरण बनाने की इकाई लग सकेगी।
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