जोधपुर

राजस्थान में ANTF-ATS का ज्वाइंट ऑपरेशन, पाकिस्तान से भारत में हो रही ड्रग्स तस्करी का भंडाफोड़, एक गिरफ्तार

पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि ड्रग्स के पैकेट आते ही आरोपी मोबाइल से सरगनाओं को फोन कर कोड वर्ड में कहता, 'तुम्हारा कपड़ा आ गया है। सिलाई देकर कपड़े ले जाओ।' ताकि फोन टेपिंग होने पर पकड़े न जा सके।
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Oct 30, 2025
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पुलिस जीप। फाइल फोटो- पत्रिका

जोधपुर। राज्य की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) व एटीएस की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन विषयुग्म के तहत अलवर जिले के नीमराना में दबिश देकर लम्बे समय से फरार 25 हजार रुपए के इनामी अंतरराष्ट्रीय हेरोइन तस्कर को दबोच लिया। उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

पुलिस महानिरीक्षक (एटीएस) विकास कुमार ने बताया कि बाड़मेर जिले में गडरा रोड थानान्तर्गत बीजावल गांव के सातलिया निवासी एक युवक सीमा पार से आने वाली हेरोइन को पंजाब व दिल्ली तक सप्लाई करने में लिप्त है, जो लम्बे समय से फरार था।

उस पर 25 हजार रुपए का इनाम था। वह सीकर, झुंझुनूं व जैसलमेर के मोबाइल सिम लेकर गच्चा दे रहा था। उसके दिल्ली औद्योगिक क्षेत्र में पहचान छिपाकर रहने की सूचना मिली। जांच में सामने आया कि एक व्यक्ति का सोशल मीडिया एकाउंट झुंझुनूं का है, लेकिन वह लगातार सीमावर्ती गडरा रोड क्षेत्र में सम्पर्क में था।

आरोपी का नाम उजागर नहीं किया

पुलिस तलाश में झुंझुनूं पहुंची, लेकिन वह पहले ही नीमराना निकल चुका था। पुलिस भी नीमराना पहुंच गईं, जहां फैक्ट्री के पास चाय की दुकान पर एक संदिग्ध व्यक्ति के होने का पता लगा। पुलिस ने गोपनीय निगरानी रखनी शुरू की। कुछ देर बाद एक फैक्ट्री से संदिग्ध व्यक्ति बाहर आया। जो पुलिस को देख भागने लगा, लेकिन उसे पकड़ लिया गया।

उसे मुख्यालय ले जाया गया है, जहां पूछताछ की जा रही है। आइजी का कहना है कि आरोपी का गिरोह सीमा पार सक्रिय है। उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में आरोपी का नाम उजागर नहीं किया जा रहा है।

पिता के जेल जाने पर पुत्र ने संभाली तस्करी

आरोपी की बुआ की शादी पाकिस्तान में हो रखी है। तारबंदी न होने के दौरान बहन से मिलने के बहाने पिता सीमा पार जाता था और वापसी में ड्रग्स लेकर आता था। जिन्हें सप्लाई कर देता था। तारबंदी होने पर तस्करी पर असर पड़ा।

तब सीमा पार से हेरोइन से भरे पैकेट भारतीय सीमा में फेंकने शुरू किए गए। ऊंट चराने के बहाने आरोपी का पिता ड्रग्स के पैकेट उठा लेता था। तस्करी के मामले में पिता काफी समय से जेल में है। तब से पुत्र तस्करी में लिप्त हो गया था।

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कोड वर्ड : कपड़ा आया, सिलाई देकर ले जाओ

वह सीमा पार से आने वाले हेरोइन से भरे के पैकेट पंजाब व दिल्ली के सरगनाओं को सप्लाई करता था। आरोपी व पिता का काम पैकेट प्राप्त कर आगे सप्लाई करना ही था। इसके बदले एक लाख रुपए प्रति पैकेट मिलते थे। ड्रग्स के पैकेट आते ही वह मोबाइल से सरगनाओं को फोन कर कोड वर्ड में कहता, 'तुम्हारा कपड़ा आ गया है। सिलाई देकर कपड़े ले जाओ।' ताकि फोन टेपिंग होने पर पकड़े न जा सके।

Updated on:
30 Oct 2025 08:17 pm
Published on:
30 Oct 2025 08:17 pm